
UAE preparing to drive Pakistanis out of country, Visas are not being issued to people
दुबई। आतंकवादियों को संरक्षण देने और आतंकवाद ( Terrorism ) पर दोहरा चरित्र दिखाने वाले पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ने वाली है। पहले सऊदी अरब ( Saudi Arabia ) और अब संयुक्त अरब अमीरात ने आर्थिक कंगाली के दौर से गुजर रहे पाकिस्तान के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। दोनों ही देशों के बीच रिश्ते बेहद खराब स्थिति में पहुंच गया है।
दरअसल, बीते दिनों पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने UAE और अरब देशों को लेकर एक बयान दिया था। यह बयान इजरायल के साथ राजनैतिक संबंध बहाल करने को लेकर था। इमरान खान ने UAE और इजरायल के बीच द्विपक्षीय संबंध स्थापित करने के फैसले की आलोचना की थी।
बताया जा रहा है कि UAE इमरान खान के इस बयान से काफी नाराज है और लिहाजा अब पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई करनी शुरू कर दी है। अपने देश से पाकिस्तानियों को बाहर निकालने की प्रक्रिया तेज करते हुए UAE वीजा देने से आनाकानी कर रही है।
मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि UAE में फिलीस्तीन समर्थक पाकिस्तानी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा रहा है। इसके अलावा UAE में रहने वाले पाकिस्तानी नागरिकों के प्रति कानून प्रवर्तन एजेंसियों की ओर से अधिक सख्ती बरती जा रही है। इतना ही नहीं, छोटे-छोटे जुर्म के लिए उन्हें गिरफ्तार कर जेल में डाला जा रहा है।
पाकिस्तानी राजदूत को नहीं मिली इजाजत
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, UAE पाकिस्तानियों को वीजा देने में आनाकानी कर रहा है। पाकिस्तानियों को वीजा न मिलने के संबंध में बातचीत करने को लेकर अबू धाबी स्थित पाकिस्तानी राजदूत गुलाम दस्तगीर ने सरकार से मिलने की इजाजत मांगी, लेकिन सरकार ने दरख्वास्त को ठुकरा दिया और मिलने से इनकार कर दिया।
ऐसे में पाकिस्तानी डरे-सहमे हुए हैं और उन्हें डिपोर्ट किए जाने का डर सता रहा है। एक अनुमान के मुताबिक, UAE की अल स्वेहन जेल में करीब 5000 से ज्यादा पाकिस्तानी बंद हैं।
पाकिस्तान के खिलाफ UAE के इस तरह के व्यवहार के लिए कई कारण माना जा रहा है। इमरान खान का बयान समेत आतंकी हमलों मे पाकिस्तान की संलिप्तता बड़ी वजह समझा जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 2017 में कंधार में हुए आतंकी हमले में UAE के 5 डिप्लोमेट मारे गए थे और इस हमले के तार पाकिस्तान से जुड़ने की बात सामने आई। UAE की जांच एजेंसियों ने ये पाया कि इस हमले के पीछे पाकिस्तान का आतंकी संगठन हक्कानी नेटवर्क का हाथ था। इतना ही नहीं इस हमले की पूरी जानकारी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI को पहले से थी।
Updated on:
18 Nov 2020 11:26 am
Published on:
18 Nov 2020 11:01 am
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