
इस बार China and Turkey के मदद से भी पाकिस्तान का बचना मुश्किल।
नई दिल्ली। पाकिस्तान ( Pakistan ) एक बार फिर वैश्विक स्तर पर आतंक परोसने की अपनी नीति की वजह से दुनिया के सामने बेनकाब होगा। ऐसा इसलिए कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ( UNSC ) की प्रतिबंध कमेटी ( Ban committee ) पाकिस्तान पोषित आतंकियों ( Pakistan nurtured terrorists ) की अफगानिस्तान में गतिविधियों को लेकर चर्चा को तैयार हो गई है।
चूंकि जिस रिपोर्ट के आधार पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद चर्चा के लिए तैयार हुआ है वो यूएन की बॉडी द्वारा तैयार रिपोर्ट है। इसलिए चर्चा के बाद पाकिस्तान पर नकेल कसने की कार्रवाई भी हो सकती है।
हालांकि चीन ( China ) ने पाकिस्तान को बचाने के लिए उसकी आतंक पोषित नीति को छिपाने की बहुत कोशिश की, लेकिन इसके बाद भी संयुक्त राष्ट्र ( United Nations ) में वह बार-बार बेनकाब हो रहा है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान एफएटीएफ ( FATF ) में भी अपने वादे पूरे करने के बजाय लीपापोती करता रहा है। वह पाक स्थित आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने के बदले आंख मिचौली कर रहा है।
दूसरी तरफ यूएन की रिपोर्ट ( UN Report ) को आधार बनाकर कई देशों व मानवाधिकार संस्थानों की गतिविधियां वैश्विक मंचों पर पाकिस्तान को बेनकाब करने को लेकर पहले से जारी है।
जानकारी के मुताबिक चीन और तुर्की (China and Turkey ) सहित चुनिंदा देशों की मदद भी पाकिस्तान के काम नहीं आएगी। क्योंकि वैश्विक स्तर पर सबूत पाकिस्तान के खिलाफ हैं। लिहाजा भारत ने इमरान खान के पाकिस्तान के खिलाफ नकेल कसने की मुहिम तेज कर दी है।
बता दें कि हाल ही में संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि अफगानिस्तान ( Afganistan ) में पाकिस्तान के 6500 आतंकी सक्रिय हैं। इसमें लश्कर और जैश के 1 हजार आतंकी हैं।
इससे एक बार फिर साबित हुआ कि पाकिस्तान आतंकवाद का केंद्र ( Pakistan global centre of terrorism ) बना हुआ है। पाक आतंकियों का ठिकाना बना हुआ है और उन्हें हथियार, धन के साथ अन्य सहयोग भी देता है।
Updated on:
14 Jul 2020, 11:50 AM IST
Published on:
14 Jul 2020, 11:43 AM IST
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