Iran को अमरीकी राजदूत ने बताया आतंकवाद का नंबर एक प्रायोजक, चीन और रूस को चेताया

Highlights

  • अमरीकी राजदूत कैली क्राफ्ट ( Kelly Craft ) ने चीन और अमरीका को ईरान का समर्थन न करने की हिदायत दी है।
  • विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ (Mike Pompeo) ने ऐलान किया था कि उनका देश ईरान पर अनिश्चितकाल के लिए हथियार प्रतिबंध लगाएगा।

वाशिंगटन। संयुक्त राष्ट्र में अमरीका (America) ने ईरान (Iran) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अमरीका की राजदूत कैली क्राफ्ट ( Kelly Craft ) ने ईरान को दुनिया में आतंकवाद का नंबर एक प्रायोजक बताया है। उन्होंने रूस तथा चीन को आगाह किया है कि अगर वे ईरान को अपनी मदद देते रहेंगे और संयुक्त राष्ट्र हथियार प्रतिबंध को बाधित करेंगे तो वे भी आतंकवाद के सह-प्रायोजक बन जाएंगे।

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राजदूत कैली क्राफ्ट ने गुरुवार को कहा कि संयुक्त राष्ट्र को उम्मीद है कि रूस और चीन शांति के महत्व को पहचान सकेंगे। वे आतंकवाद के नंबर एक प्रायोजक के सहायक नहीं बनेंगे।

उन्होंने कहा कि रूस और चीन की रणनीति स्पष्ट है। वह ईरान का समर्थन अराजकता बढ़ाने और संघर्ष को हवा देने के लिए कर रहे हैं। ऐसे में हमें उन्हें अलग-थलग करना होगा। गौरतलब है कि अमरीका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ (Mike Pompeo) ने बीते बुधवार को ऐलान किया था कि उनका देश ईरान पर अनिश्चितकाल के लिए हथियार प्रतिबंध लगाएगा। इसके लिए अगले हफ्ते मतदान (voting) कराने की अपील करेगा। ईरान पर हथियार प्रतिबंध की अवधि 18 अक्टूबर को समाप्त होने वाली है।

ईरान में अमरीका के शीर्ष राजदूत ने इस घोषणा के बाद इस्तीफा दे दिया है। रूस और चीन के विदेश मंत्रियों ने गत माह संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस और सुरक्षा परिषद को अलग-अलग शिकायती पत्र अमरीका की कोशिशों की तीखी आलोचना की है। उन्होंने संकेत दिया है कि अगर इस प्रस्ताव को 15 सदस्यीय परिषद में न्यूनतम नौ मत मिल जाते हैं तो वे इस पर वीटो कर करेंगे।

Mohit Saxena
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