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26/11 अटैक: अमरीका ने घोषित किया 50 लाख डॉलर का इनाम, कहा- पाकिस्तान को करनी होगी ठोस कार्रवाई

अमरीकी विदेश मंत्री माइकल आर पोम्पियो ने रविवार को मुंबई के आतंकवादी हमले की 10 वीं वर्षगांठ पर भारत के लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त की और घोषणा की

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वाशिंगटन। अमरीका ने 26/11 हमले के 10 साल बाद भारत के जख्मों पर मरहम मरहम लगाने की कोशिश की है। अमरीका ने 26/11 मुंबई हमले के आरोपियों के बारे में कोई भी जानकारी देने पर 5 मिलियन डॉलर के इनाम की घोषणा की है। साथ ही अमरीका ने यह भी कहा है कि वह पाकिस्तान पर इस मामले में सख्त कार्रवाई करने के लिए दवाब डालेगा। अमरीकी विदेश मंत्री माइकल आर पोम्पियो ने रविवार को मुंबई के आतंकवादी हमले की 10 वीं वर्षगांठ पर भारत के लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त की और घोषणा की कि वाशिंगटन इस हमले में कोई भी सुराग देने वाले को पांच लाख अमरीकी डॉलर का इनाम देगा।

5 लाख डॉलर का इनाम

माइक पोम्पियो ने कहा, "संयुक्त राज्य अमरीका और सभी अमरीकियों की ओर से मैं मुंबई आतंकवादी हमले की 10 वीं वर्षगांठ पर भारत और मुंबई शहर के लोगों के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त करता हूं। हम पीड़ितों के परिवारों और उनके दोस्तों के साथ खड़े हैं।" प्रेस को दिए अपने बयान में पोम्पियो ने आगे कहा, "जिनके प्रियजन इस बर्बर कार्रवाई में अपनी जान से हाथ धो बैठे, हम उनके साथ हैं।" बता दें कि इन हमलों में 6 अमरीकी नागरिक भी मरे गए थे। 26/11 की बर्बरता ने पूरी दुनिया को चौंका दिया। अब अमरीका ने इस हमले में किसी भी स्तर पर शामिल लोगों के लिए 5 लाख डॉलर की इनामी राशि की घोषणा की है।

पाकिस्तान पर पड़ेगा दवाब

अमरीकी विदेश मंत्री ने कहा कि अमरीका इस हमले के लिए जिम्मेदार आतंकवादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए पाकिस्तान पर दवाब डालेगा। पोम्पियो ने कहा कि पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा इस मामले में संस्तुत की गई करवाई करनी पड़ेगी। उन्होंने कहा, " दस वर्षों के बाद यह हमले के पीड़ितों के परिवारों के लिए एक जरूरी मिशन है। जिन्होंने मुंबई हमले की योजना बनाई है, उन्हें अभी भी उन्हें उनकी भागीदारी के लिए दोषी नहीं ठहराया गया है। हम सभी देशों, विशेष रूप से पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के दायित्वों के तहत निकाले गए निष्कर्ष को लागू करने के लिए कहेंगे।" पोम्पियों ने आगे कहा कि इस अत्याचार के लिए जिम्मेदार लश्कर-ए-तैयबा और उसके सहयोगी आतंकवादियों के खिलाफ कठोर प्रतिबंध लगाए जाएं। इसके लिए अमरीका पाकिस्तान पर दवाब बनाएगा।

भारत के साथ है अमरीका

अमरीकी विदेश मंत्री ने इस हमले की 10वीं बरसी पर भारत के प्रति अपना उदार समर्थन व्यक्त किया। विदेश मंत्री ने कहा कि संयुक्त राज्य अमरीका इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि इस हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को कानून की सजा का सामना करना पड़े। उन्होंने घोषणा की कि अमरीकी राज्य पुरस्कार विभाग (आरएफजे) इस हमले से जुड़े किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी करवाने या दृढ़ विश्वास से किसी व्यक्ति की बारे में जानकारी देने के लिए पांच मिलियन अमरीकी डॉलर का इनाम घोषित करता है।