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जापान में अमरीकी लड़ाकू विमान दुघर्टनाग्रस्त, सैन्य अड्डा हटाने की मांग

एफ 15 लड़ाकू विमान ने सोमवार को नियमित प्रशिक्षण मिशन के लिए उड़ान भरी थी।

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जापान में अमरीकी लड़ाकू विमान दुघर्टनाग्रस्त, सैन्य अड्डा हटाने की मांग

टोक्यो। जापान के दक्षिणी द्वीप ओकिनावा में एक अमरीकी सैन्य विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। एफ 15 लड़ाकू विमान ने सोमवार को नियमित प्रशिक्षण मिशन के लिए उड़ान भरी थी। इस दौरान कुछ देर उड़ने के बाद वह ओकिनावा द्वीप पर गिर कर हादसे का शिकार हो गया। अमेरिकी सेना के अधिकारी ने एक बयान में कहा कि इस विमान में सिर्फ एक पायलट था। वह दुर्घटना से पहले ही विमान से कूद गया था। अधिकारी ने कहा कि घटना के कारणों का पता करने के लिए एक बोर्ड का गठन किया है। वह हादसे की जांच करेगा। गौरतलब कि ओकिनावा द्वीप अमरीकी सैन्य अड्डा हैं। यहां पर नियमित रूप से लड़ाकू विमानों परीक्षण होता रहा है। इस दौरान कई अमरीकी विमान दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं।

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सुरक्षा चिंताओं पर प्रकाश डाला

ओकिनावा के कई निवासियों का कहना है कि अमरीकी सैन्य अड्डे यहां अपराध,दुर्घटनाओं और प्रदूषण को बढ़ावा दे रहे हैं। इस दुर्घटना के बाद से स्थानीय निवासीयों ने इस सैन्य अड्डे को हटाने की मांग तेज कर दी है। यहां के लोगों का कहना है कि इस तरह की दुर्घटना कुछ अंतराल पर यहां होती रहती हैं। इसके कारण वातावरण में प्रदूषण का स्तर तेजी से फैल रहा है। प्रधानमंत्री शिंजो आबे मध्य ओकिनावा के शहरी इलाके से अमरीकी मरीन के फ्यूटेनमा एयरबेस को द्वीप से हटाकर उत्तर में नागो शहर के कम जनसंख्या वाले हेनोको जिले में स्थानांतरित करना चाहते हैं। मगर इसके लेकर काफी विवाद चल रहा है।

अमरीकी सेना से नाराजगी

दक्षिणी जापान में ओकिनावा में अमरीकी सैनिकों की मौजूदगी से दोनों देशों के बीच हुए रक्षा सहयोग के आधार पर की गई है। यहां 26 हजार अमरीकी सैनिकों को रखा गया है। सरकार इन्हें द्वीप के कम आबादी वाले इलाकों में पुनर्स्थापित करने की योजना बना रही है लेकिन ओकिनावा के निवासियों की मांग है कि यहां से सैन्य अड्डे को हटाया जाए। ओकिनावा के निवासियों का आरोप है कि यहां होने वाले कई अपराधों और हादसों के लिए सैनिक ज़िम्मेदार हैं। साल 1995 में यहां 12 साल की एक लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ था जिसके बाद से यहां से सैन्य अड्डे को हटाने की मांग बढ़ी है। इस मामले में अमरीकी सैनिकों के शामिल होने की बात कही जाती है। 2016 में एक महिला की हत्या के लिए सैन्य अड्डे पर काम कर चुके एक पूर्व सैनिक पर आरोप लगा था। इसके बाद यहां अस्थाई तौर पर शराब पर प्रतिबंध लगाने के साथ कर्फ्यू भी लगाया गया था।