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रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने स्पूतनिक वैक्सीन की तुलना AK-47 से की, कहा- पूरी तरह से सुरक्षित और भरोसेमंद

रूस ने कोविड-19 रोधी अपने टीके स्पूतनिक-वी (Sputnik V) की सिंगल शॉट वाले संस्करण को मंजूरी देने के लिए कदम उठाया है।

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Vladimir Putin

Vladimir Putin

नई दिल्ली। भारत में स्पूतनिक-V (Sputnik-V) आपात्कालीन उपयोग के लिए अप्रूवल पा चुकी है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन (Vladimir Putin) ने इसकी तुलतना AK-47 से की है। उन्होंने वैक्सीन के बारे में कहा है कि ये पूरी तरह सुरक्षित और भरोसमंद है। गौरतलब है कि हथियारों की दुनिया में AK-47 को बेहद मारक और सटीक हथियारों में गिना जाता है।

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सिंगल शॉट वाले संस्करण को मंजूरी

रूस ने कोविड-19 रोधी अपने टीके स्पूतनिक-वी (Sputnik V) की सिंगल शॉट वाले संस्करण को मंजूरी देने के लिए कदम उठाया है। इस कदम से कोरोना वायरस के खिलाफ सामूहिक प्रतिरक्षा प्राप्त करने की प्रक्रिया में तेजी आ सकेगी।

टीके के इस संस्करण का नाम ‘स्पूतनिक लाइट’है। ये दो-खुराक वाले स्पूतनिक-वी की पहली खुराक के सामान है। इसे अभी तक तय प्रोटोकॉल के अंतर्गत सुरक्षा मानकों के तहत गुजरना बाकी है।

भारत को मिल चुकी है पहली खेप

भारत को कोरोना की दूसरी लहर से निपटने के लिए रूस से स्पूतनिक वी वैक्सीन की 1.5 लाख खुराक की पहली खेप मिल चुकी है। रूस ने 11 अगस्त 2020 को कोरोना वायरस की वैक्सीन स्पूतनिक वी को मंजूरी दी थी। इसके बाद डॉ.रेड्डीज लैबोरेटरीज और RDIF ने चिकित्सकीय परीक्षण के तहत एक समझौता किया गया था। रेड्डीज को आपातकालिक उपयोग की पहले ही सहमति मिल चुकी है।

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91.6 प्रतिशत प्रभावी साबित हुई

शुरुआत में इस वैक्सीन की क्षमता पर सवाल उठाए गए थे। मगर बाद में जब इस साल फरवरी में ट्रायल डेटा को सामने रखा गया तो इसमें इस वैक्सीन को सेफ और इफेक्टिव बताया। गौरतलब है कि अध्ययन में पाया गया है कि 'स्पूतनिक-वी के तीसरे चरण का परीक्षण 91.6 प्रतिशत प्रभावी साबित हुआ है। अध्ययन के नतीजे करीब बीस हजार प्रतिभागियों के आंकड़ों के आधार पर सामने आया है।