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जब-जब वो आतंकी मेरे साथ रेप करता था, मेरी हर बार हड्डियां टूटती थी

मेरे सामने 8 साल की बच्ची का भी रेप किया और कई बार किया

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नई दिल्ली। उन आतंकियों ने मेरे साथ जानवरों से भी बुरा सुलुक किया... वह सिर्फ रेप नहीं करते थे बल्कि ब्रूटली रेप करते थे। इतना बुरा की मेरी कई बार हड्डियां तक टूटी हैं। लेकिन उन्हें फर्क नहीं पड़ता था वो बस रेप करते थे। हम आपको बता रहे हैं 22 साल की फरीदा के बारे में, जो आईएसआईएस के चंगुल से निकली है। आईएसआईएस में लड़कियों का क्या हाल होता है वो सबको पता है। आईएसआईएस में लड़कियां सेक्स स्लेव की जिंदगी गुजारती हैं। कुछ ही लकी होती हैं, जो उनके चंगुल से भाग निकलती है।

आज हम आपको बता रहे हैं फरीदा की जुबानी उसी की कहानी... महज 22 साल की फरीदा अब्बास खलफ अपनी जिंदगी के सबसे खराब 4 महीने गुजारे हैं। इससे बुरा और क्या हो सकता है कि लगातार 4 महीनों तक हर दिन, और दिन में कई बार आतंकियों ने उसके साथ रेप किया। रेप के साथ-साथ उसको इतना टॉर्चर किया कि उसकी आंखों की रोशनी तक चली गई। फरीदा ने अपनी इसी बुरी हालत में चार बार खुदकुशी करने की भी कोशिश की लेकिन खुद को मार नहीं पाई।

बता दें कि इराक की रहने वाली फरीदा को 2014 में आईएसआईएस ने किडनैप कर लिया था। आतंकियों ने फरीदा के भाई पिता समेत सभी पुरुषों को मार दिया था। पूरे गांव पर हुए अटैक में आईएसआईएस वालों ने फरीदा और उसकी मां समेत 150 लड़कियों-महिलाओं को किडनैप कर लिया था। जिन्हें बाद में आईएस के गढ़ सीरिया के शहर रक्का भेज दिया गया।

फरीदा बताती हैं कि वहां आतकियों ने उनके साथ वो सब किया जिनका वो सोच भी नहीं सकती थी। एक इंसान जानवर कैसे हो सकता है। आतंकी उसके साथ रेप करते थे। उसे बुरी तरह पीटते थे। कई बार तो इतना बुरा पीटते थे कि उनके सिर की हड्डियां तीन जगह से टूट गई थीं। जिससे ऐसी स्थिति आ गई कि कुछ समय के लिए उनकी आंखों की रोशनी तक चली गई थी। फरीदा ने बताया कि इन चार महीनों में उसके साथ कई बार गैंगरेप हुआ है। कई बार उसे एक से दूसरे जिहादी को बेचा भी गया, उसकी बोली लगाई गई। फरीदा ने बताया कि आईएस वालों की दरंदिगी की हद सिर्फ यहीं तक नहीं खत्म हुई उन्होंने मेरे सामने 8 साल की बच्ची का भी रेप किया और कई बार किया। फरीदा बताती हैं कि वो 8 साल की बच्ची उसे ताकत देती थी।

लेकिन एक दिन ऐसा हुआ कि वो आतंकियों के चंगुल से भाग निकली। फरीदा बताती हैं कि आतंकियों के ठिकाने से दूर होते ही उन्होंने एक दरवाजा खटखटाया था। हमें नहीं पता था कि अंदर कौन होगा लेकिन हम खुशनसीब निकले। उन सभी लोगों की वजह से हम इराक लौट पाए। फरीदा बताती हैं कि अब हाल ही में उनकी एंगेजमेंट हुई है। अब वह खुश हैं और अपनी शादी की तैयारी कर रही हैं।