
30 साल पहले विरोध-प्रदर्शन दबाने के लिए चीनी सेना ने छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर चढ़ा दिए थे टैंक।
वॉशिंगटन। वाइट हाउस (White house) ने 1989 के थियानमेन चौक (Tiananmen) नरसंहार से जुड़ी घटनाओं की निंदा करते हुए इसे न भुलाए जाने वाला घटनाक्रट बताया। प्रेस सचिव कैली मेकनैनी ने एक बयान में कहा कि चीनी कम्युनिस्ट (सीसीपी) द्वारा निहत्थे चीनी असैन्य नागरिकों का नरसंहार एक दुखद घटना है। उन्होंने कहा कि अमरीकी लोग उन लाखों चीनी नागरिकों के सहास और आशावाद को दर्शाते हैं। गौरतलब है कि 31 साल पहले चीन (China) में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक आंदोलन खड़ा हुआ था। पूरे चीन में ये अभियान शांतिपूर्ण ढंग से चलाया गया था। उन पर गोलियों और टैकोंं से चीनी प्रशासन ने हमला किया था। जिसमें 319 लोग मारे गए थे।
मेकनैनी ने घटना की 31वीं वर्षगांठ पर कहा कि इस नरसंहार में मारे गए, हिरासत में लिए गए या लापता लोगों का सम्मान होना चाहिए। इस स्मृति दिवस के मौके पर अमरीकी लोग चीनी सरकार से मानवाधिकार की प्रतिबद्धताओं को पूरा करने और संविधान के तहत सभी चीनी नागरिकों को अधिकार एवं स्वंतत्रता को बरकरार रखने की अपील करते हैं। प्रेस सचिव के इस बयान से एक दिन पहले विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने विदेश मंत्रालय में थियानमेन चौक नरसंहार के पीड़ितों से मुलाकात की थी।
इस साल त्येनआनमेन चौक प्रदर्शनों के हांगकांग के लिए राजनीतिक महत्व हैं। इसका कारण है यहां पर पहली बार है जब ब्रिटेन के पूर्व उपनिवेश के लोगों को हजारों की संख्या में इस घटना की बरसी मनाने से रोक दिया गया है। चीन ने बीते माह एक नया सुरक्षा कानून बनाया है। इसके तहत यह हांगकांग में अपनी सुरक्षा एजेंसियों के कार्यालय खोल सकता है। हांगकांग प्रशासन ने पहली बार त्येनआनमेन चौक प्रदर्शनकों को प्रतिबंधित किया है।
बताया जा रहा है कि 1990 के बाद यह पहला मौका है, जब 1989 में त्येनआनमेन चौक पर छात्रों पर की गई सैन्य कार्रवाई की बरसी चार जून को विक्टोरिया पार्क में नहीं मनाई जाएगी। इस घटना में संभवत: हजारों लोग मारे गए थे। इसमें कहा गया है कि पुलिस ने कोविड-19 प्रतिबंधों के चलते लोगों के एकत्र होने की इजाजत देने से इनकार कर दिया है।
Updated on:
05 Jun 2020 02:24 pm
Published on:
05 Jun 2020 12:50 pm
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