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क्या ट्रंप-किम की मुलाकात से मुख्यधारा में पहुंच सकेगा उत्तर कोरिया

अमरीकी प्रतिबंध लगने के बाद से उत्तर कोरिया से पूरे विश्व ने दूरी बना ली थी, यहां पर मूलभूत समस्या का अभाव।

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Mohit Saxena

Jun 12, 2018

kim

kim and trump

नई दिल्ली।किम जोंग उन और अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात से कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द उत्तर कोरिया भी अन्य देशों की तरह मुख्यधारा में लौट आएगा। पूरी दुनिया से कटे उत्तर कोरिया के लिए यह मुलाकात तय करेगी कि उसके संंबंध अन्य देशों से कैसे होने वाले हैं। अभी तक उत्तर कोरिया का सबसे बढ़ा सहयोगी चीन रहा है। अमरीकी प्रतिबंध लगने के बाद से उससे पूरे विश्व ने दूरी बना ली थी। एक तरफ दक्षिण कोरिया अपने सहयोगियों की मदद से दिन-रात तरक्की में जुटा रहा, वहीं उत्तर कोरिया को मूलभूत जरूरतों के लिए भी तरसना पड़ा। ऐसे में दुनिया भर की मीडिया में यह चर्चा है कि क्या अब उत्तर कोरिया का विकास भी अन्य देशों की तरह हो सकेगा।

पूरे देश की आर्थिक व्यवस्था हिली

पूरी दुनिया में अछूत हो चुके उत्तर कोरिया में विकास की गाड़ी बिल्कुल थम सी गई है। यहां पर आधी जनता के पास बिजली तक नहीं है। इसके साथ देश में सड़कों का जाल भी नहीं है। एक रिपोर्ट के मुताबिक यहां सिर्फ 25,000 किलोमीटर लंबी सड़कें हैं, जिनमें केवल 724 ही पक्की हैं। कोरिया की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर है कि वह आम जनता की मूलभूत जरूरतों को भी पूरा नहीं कर सकती। आधी आबादी को यहां पर एक टाइम ही भोजन नसीब होता है। उत्तर कोरिया में जमीन इतनी कठोर है कि वहां खेती नहीं हो सकती है। देश की जनता को भोजन मुहैया कराना उत्तर कोरिया के लिए एक संघर्ष है। 1990 में यह अकाल का सामना कर चुका है। इसके साथ बच्चों के सही शिक्षा व्यवस्था का अभाव है। यहां के स्कूलों में विदेशी पद्धति पर पढ़ाई नहीं होती है। इसके साथ देश में विदेशी निवेश न होने के कारण यहां रोजगार न के बराबर है।

मीडिया को आजादी नहीं

किम जोंग ने मीडिया को सरकार के खिलाफ लिखने की आजादी नहीं दी है। यहां पर मीडिया सिर्फ वही छाप सकती है जो सरकार के पक्ष में हो। इस तरह से यहां के लोग बाहरी देश की खबरों से बिल्कुल कटे हुए हैं। यहां पर इंटरनेट पर भी पाबंदी लगाई गई है। बाहरी देशों से नाता टूटने के कारण उत्तर कोरिया को पिछले एक दशक तक अभाव में जीना पड़ा है।