
नई दिल्ली। मिनांगकबाऊ दुनिया का ऐसा समुदाय है, जिसमें मर्द अपनी पत्नी के आगे गुलाम की रहते हैं। इस समुदाय में सिर्फ और सिर्फ महिलाओं का राज़ चलता है। इंडोनेशिया के सुमात्रा में बसा ये समुदाय अपनी इस परंपरा की वजह से विश्वभर में प्रसिद्ध है।

मूल रूप से ये एक मुस्लिम समुदाय है, जिसमें शादी के बाद लड़कियां नहीं बल्कि लड़कों को ससुराल जाना होता है। बता दें कि इस समुदाय की परंपरा के अनुसार पूरी प्रॉप्रटी पर औरतों का ही अधिकार होता है। मां के बाद प्रॉपर्टी पर बेटियों का अधिकार हो जाता है।

इस अनोखे समुदाय में पैदा होने वाले बच्चों को पिता के बजाए मां का नाम दिया जाता है। घर के सभी बड़े फैसले यहां की महिलाएं लेती हैं, पुरुषों का मुख्य काम घर से बाहर निकलकर पैसा कमाना होता है। जैसा कि हमारे देश में सभी लोग बेटों के लिए मरते हैं, लेकिन यहां के लोग मन्नतें मांगते हैं कि उनकी बेटी हो।

बताया जाता है कि इन परंपरा की शुरुआत 12वीं शताब्दी के आस-पास शुरु हुई थी। इस समुदाय के राजा महाराजो दिराजो के मरने के बाद उनकी सिर्फ 3 रानियां और 3 बेटे ही रह गए थे। लेकिन बेटों की उम्र इतनी नहीं थी कि उन्हें साम्राज्य सौंप दिया जाए। इसलिए राजा की सभी ज़िम्मेदारियां बड़ी रानी ने ले ली।