
Moradabad Dengue Cases: बुखार से पीड़ित रोगी को इलाज शुरू करने पहले डेंगू, मलेरिया समेत अन्य जांच लिखता है। रोगियों की संख्या बढ़ने के बाद पैथलैब संचालन ने मनमानी पर उतर आया है। मलेरिया की जांच सौ रुपये के स्थान पर साढ़े तीन सौ रुपये लिया जा रहा है। इसी तरह डेंगू की आठ सौ रुपये के बजाय 16 सौ रुपये लेना शुरू कर दिया है।
जिले में मिले 1250 डेंगू मरीज
डेंगू के नाम से डर सहमे रोगी पैथलैब संचालक को मुंह मांगी शुल्क देने को मजबूर है। अगस्त से लगातार डेंगू व बुखार का प्रकोप छाया हुआ है। सरकारी आकंड़ों के अनुसार जिले में 1250 डेंगू के रोगी मिल चुके हैं। एक माह में केवल जिला अस्पताल में 1200 बुखार के रोगियों का इलाज किया जा चुका है।
सरकारी-प्राइवेट अस्पताल हैं फुल
जिला अस्पताल के पैथलैब में औसत 150 डेंगू व मलेरिया की जांच कराने रोगी पहुंच रहे हैं। प्राइवेट अस्पताल में कितने रोगी की इलाज किया जा रहा है। इसका आकंड़ा नहीं हैं। प्राइवेट अस्पताल में जाने पर बुखार से पीड़ित रोगी का सबसे पहले मलेरिया, डेगू व लीवर, किडनी की जांच करने को कहा जाता है।
मरीजों से पैसे लूट रहे पैथलैब संचालक
समाजवादी छात्र सभा के सदस्यों ने शुक्रवार को सीएमओ आफिस पर प्रदर्शन किया और बुखार रोगियों के प्राइवेट पैथलैब संचालक द्वारा मनमानी शुल्क वसूली करने पर रोक लगाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इन दिनों बुखार व डेंगू का प्रकोप फैला हुआ है। जिस पर रोक लगाने व रोगियों को इलाज कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। सरकारी अस्पतालों में खून की जांच की व्यवस्था नहीं होने पर रोगी को प्राइवेट पैथलैब जाना पड़ता है। पैथलैब संचालक रोगियों से मनमानी शुल्क वसूल रहा है।
इस पर रोक लगाने की मांग की और गांव स्तर पर रोगियों को इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने को कहा। प्रतिनिधि मंडल सीएमओ से मिलकर मांग पत्र भी दिया। इस अवसर पर वसीम अकरम, फाजिल मलिक, विवेक चौहान, राशिद अली, फईम मंसूरी, शकील अंसारी प्रमुख रुप से उपस्थित थे।
Published on:
05 Nov 2023 11:05 am
बड़ी खबरें
View Allमुरादाबाद
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
