
सपा नेता ST हसन । फोटो सोर्स-IANS
स्थानीय अदालत ने संभल हिंसा के दौरान एक युवक की मौत के मामले पर सुनवाई करते हुए अनुज चौधरी समेत 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर का आदेश दिया है। हालांकि, स्थानीय अदालत के फैसले को संभल पुलिस ऊपरी अदालत में चुनौती देने की तैयारी में है। इस पर एसटी हसन ने पूछा है, "क्या ये अपराधियों को बचाने वाली बात नहीं कह रहे हैं? क्या ये कानून के हिसाब से सही है?" समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में सपा नेता ने कहा कि उनका अधिकार है कि वे ऊपरी अदालत में जा सकते हैं, लेकिन ऊपरी अदालतों में भी यही फैसला होता है, तो क्या करेंगे? क्या (एफआईआर को) टालते रहेंगे?"
एसटी हसन ने कहा कि कोर्ट ने किसी न किसी बात पर संज्ञान लिया है, तभी एफआईआर के लिए आदेश दिया। आगे कोर्ट में साबित होगा कि वह अपराधी हैं या नहीं हैं। जब ट्रायल होगा तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
एसटी हसन ने धीरेंद्र शास्त्री के बयान 'भारत में आरएसएस नहीं होता तो इतने हिंदू न बचे होते' पर कहा, "बाबा बागेश्वर की कोशिश योगी आदित्यनाथ की तरह बनने की है। इसी होड़ में वे उल्टे-सीधे अनाप-शनाप बयान दे रहे हैं।"
सपा नेता ने आगे कहा, "क्यों हिंदू भाइयों को डरा रहे हैं? मेरा यकीन है कि जब तक सेकुलर मुसलमान और सेकुलर हिंदू भाई इस देश में जिंदा हैं, कोई किसी को खत्म नहीं कर सकता, कोई किसी को बर्बाद नहीं कर सकता।"
सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बयान 'संघ परिवार दुनिया का सबसे खतरनाक परिवार' पर एसटी हसन ने कहा, "आरएसएस सोसाइटी के अंदर शुरू से ही जहर घोलने का काम कर रहा है। सरदार बल्लभ भाई पटेल ने आरएसएस को बिना वजह बैन नहीं कराया था। ये वो संगठन है जो अंग्रेजों के साथ भी मिला हुआ था। इनका एक भी आदमी आजादी की जंग में कुर्बान नहीं हुआ। इन्होंने तिरंगे को भी नहीं अपनाया।"
उन्होंने यह भी कहा कि आरएसएस जैसे संगठनों पर लगाम लगनी चाहिए। ये सारे लोग देश को कमजोर करने का काम कर रहे हैं। एसटी हसन ने आरोप लगाया कि आरएसएस का कंट्रोल बाहरी लोगों के हाथ में हो सकता है।
Updated on:
16 Jan 2026 12:07 pm
Published on:
16 Jan 2026 12:06 pm

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