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क्या ये रेलवे क्रॉसिंग कर रही है किसी बड़ी घटना का इंतजार!

मुरादाबाद मंडल में हैं 217 मौत की क्राॅसिंग, नहीं हैं निपटने का कोई इंतजाम

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archana kumari

Jul 26, 2016

railway crossing

railway crossing

मुरादाबाद
। सोमवार को भदोही में मानव रहित रेलवे क्राॅसिंग ने एक बार रेल सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, मुरादाबाद रेल मंडल में 217 ऐसी रेल क्रासिंग हैं, जिन पर न फाटक और न सुरक्षा के कोई इंतजाम हैं। कुछ यही कहानी गोविन्द नगर इलाके की भी है यहां चार लाख से अधिक आबादी होने के बावजूद न तो ओवरब्रिज और न ही अंडर पास बना है, जिस कारण हजारों लोग जान जोखिम में डालकर हर रोज़ इसी तरह रेलवे लाइन क्राॅस करते हैं।


यहां दिल्ली लखनऊ अप और डाउन लाईनो पर हर रोज़ सैकड़ों ट्रेने गुज़रती हैं। लगभग हर दस मिनट में यहां से गाड़ियां गुज़रती हैं लेकिन फिर भी रेलवे ने इन लोगो के लिए यहां कोई इंतज़ाम नहीं किये हैं। स्थानीय लोगो का कहना है की इस क्रासिंग पर अब तक सैकड़ों लोग हादसों का शिकार हो चुके हैं लेकिन फिर भी यहां से गुज़ारना उनकी मज़बूरी है।


स्थानीय लोगो के मुताबिक गोविन्द नगर में कई हजार परिवार रहते हैं और उनके शहर में जाने के लिए यही एक मात्र रास्ता है। महिलाएं, बच्चे और बड़े सभी यहां से गुज़रते हैं। यहां तक कि पुलिस वाले भी इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं।


लाईफ लाईन क्रॉसिंग बन जाती है मौत का सबब


गोविन्द नगर के लोगो के लिए ये क्रासिंग लाईफ़ लाईन है लेकिन कई बार यही क्रासिंग उनकी मौत का सबब बन जाता है। कई बार यहां ओवर ब्रीज या अंडर बाई पास बनवाने के लिए स्थानीय लोगो ने प्रदर्शन भी किये लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। समस्या ज्यों की त्यों है और लोग जान पर खेल कर ट्रेनों के सामने से गुज़रते हैं। इसमें कई बार ट्रेन से एक्सीडेंट होकर कई लोगो की मौत भी हो जाती है लेकिन स्थनीय प्रशासन और और रेलवे आंख मूंदे हुए है। लोगो का कहना है कि कई बार हादसे होने के बाद भी केंद्र सरकार और रेलवे ने उनकी कोई सुध नहीं ली है। रेलवे ने एक बोर्ड लगा कर कानून ज़रूर बताने की कोशिश की है लेकिन सवाल ये कि क्या मुरादाबाद का ये क्रोसिंग भी किसी बड़ी घटना का इंतज़ार कर रहा है।


रोज यहां से 20 गांव के लोगों का होता है आना जाना


उधर रामपुर में भी मानव रहित क्रासिंग पर कई हादसे हो चुके हैं लेकिन रेलवे की तरफ से यहां कोई इंतेज़ाम नहीं किये गए हैं। शहजाद नगर थाना इलाके के भामरुआ में रामपुर से कांठ गोदाम को जाने वाली इस रेल लाईन पर बने इस मानव रहित क्रासिंग से इलाके के लगभग बीस गांवों के लोगो का आना जाना है। इलाके के लोगो के मुताबिक यहां हर समय खतरा बना रहता है।


हर समय है जान का खतरा


लाईन में मोड़ होने की वजह से आने वाली ट्रेन दूर से दिखाई नहीं पड़ती जिसके कारण हादसे होते रहते हैं ।यहां पर पिछले दो तीन साल में अब तक चार बड़े हादसे हो चुके हैं जिसमे कई लोगो की जान जा चुकी है और जानवर भी कट चुके हैं। इलाके के लोगो की मांग है कि रेलवे उनकी परेशानी को समझे और इस जान लेवा मानव रहित क्रासिंग पर फाटक बनना चाहिए। ताकि ट्रेन के आने के समय ये रास्ता बंद कर दिया जाये। लेकिन लोगो की मांग अभी तक पूरी नहीं हुई है।

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