शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा, हमने किसी की कोई बेइजती नहीं की। हमारी तरफ से सवाल ही नहीं उठता है सेना के अपमान करने का। मैं पहला व्यक्ति था, जिसने दुश्मन देश के प्रधानमंत्री की मां के पैर छूने का विरोध किया था। मैं कैसे बेइज्जति कर सकता हूं। मैं सोच भी नहीं सकता और न मेरी हैसियत है। बेईज्जति तो उस वक्त हुई थी, जब सिर काटे जा रहे थे और प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को मुबारकबाद दे रहे थे। मेरे अलावा किसी ने निंदा की हो तो बता दीजिए, लेकिन मैं छोटा आदमी था। उस वक्त समझ में नहीं आया। अब सौ दिन की उपलब्धियों को दबाने के लिए किसी का सिर चाहिए तो आज भी ऐसी बातें कर रहे हैं।