
50 साल का था वादा महज 5 साल में जबाब दे गया रामगंगा नदी पर बना ये पुल
मुरादाबाद: बारिश से ज्यादातर सड़कें और पुल खस्ताहाल में पहुंच चुके हैं, जिससे योगी सरकार के गड्ढा मुक्त सड़कों का वादा धराशाई होता दिख रहा है। क्यूंकि इन खस्ताहाल सड़कों से आये दिन हादसे हो रहे हैं। वहीँ शहर को उत्तराखंड से जोड़ने वाला इस्लामनगर पुल इस कदर खस्ताहाल में पहुंच गया है कि अब पुल की सड़क भी धंस गयी है। जिससे कभी इस पर हादसा हो सकता है। पिछले दिनों इसको लेकर अधिकारीयों को कमिश्नर ने चेताया भी था। लेकिन हालात जस के तस हैं।
इन्हें जोड़ता है पुल
यहां बता दें कि सेतु निगम द्वारा इस पुल को करीब पांच साल पहले बनाकर जनता के लिए शुरू किया गया था। इस पुल के बनने से जनपद के डिलारी और ठाकुरद्वारा व् उत्तराखंड का रास्ता 15 किलोमीटर कम हो गया था। साथ समय की भी बचत होती थी। इस पुल को बनाने के बाद ये दावा किया गया था कि पुल अगले तीस से चालीस सालों तक चलेगा। लेकिन अभी से पुल की हालत खस्ता हो चुकी है। बीच में नदी के ऊपर ही सड़क कई जगह से धंस चुकी है। यही नहीं कंक्रीट हटने के बाद लोहे के जाल निकल आये हैं। जबकि यहां 24 घंटे हलके और भारी वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। जिस कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
जल्द सुधार का दावा
वहीँ पी डब्लू डी के अधीक्षण अभियंता दीपेश तिवारी ने बताया कि बारिश के बाद सड़कों और टूटे पुलों की मरम्मत का काम जारी है। इस पुल को भी दिखवाया जायेगा। सम्बन्धित विभाग और ठेकेदार को इसे जल्द सही करवाने के निर्देश दिए जायेंगे।
कमिश्नर ने भी जताई थी नाराजगी
बारिश के बाद खुस समीक्षा बैठक में कमिशनर अनिल राज कुमार ने सभी जिलों में सड़कों की खस्ताहालत को लेकर नाराजगी जताई थी। लेकिन अधिकारीयों ने अभी भी गंभीरता नहीं दिखाई है। अभी इस पुल के साथ शहर से जुड़े हाइवे और अंदर की सड़कें भी खस्ताहाल हैं। जो हादसों को दावत दे रहे हैं।
Published on:
20 Oct 2018 05:42 pm
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