
इतने रूपए न होने पर मिस्ड काल भी नहीं दे पायेंगे, इस कम्पनी के फरमान से करोड़ों मोबाइल उपभोक्ता होंगे प्रभावित
मुरादाबाद: जियो ने भले टेलिकॉम सेक्टर में ग्राहकों के लिए ऑफर लाकर कम्पनियों में प्रतिस्पर्धा तेज की हो। लेकिन अब कम्पनियां अपना घाटे का बोझ भी ग्राहकों पर डालने जा रहीं हैं। इसी तर्ज पर पिछले दिनों प्राइवेट टेलिकॉम कम्पनियों ने हर महीने न्यूनतम 35 रूपए का रिचार्ज अनिवार्य कर दिया था। अब सरकारी दूरसंचार कम्पनी बीएसएनएल ने ग्राहकों को न्यूनतम 10 रूपए का बैलेंस न होने पर कॉल की अनुमति नहीं दी है। इससे देश भर के दो करोड़ से ज्यादा ग्राहक प्रभावित होंगे।
इतने लोगों पर पड़ेगा असर
मुरादाबाद में 50 हजार गरीब परिवार पर इसका असर पड़ेगा। कुछ माह पहले तक प्राइवेट कंपनियों के उपभोक्ताओं को रिचार्ज कराने की आवश्यकता नहीं होती थी, कॉल करने या इंटरनेट चलाने के लिए टॉपअप डलवाना पड़ता था। बीएसएनएल उपभोक्ता को छह माह में 32 रुपये से रिचार्ज करने की आवश्यकता होती है। उपभोक्ता पांच रुपये का टॉपअप करा लेता था। इनकमिंग आती रहती थी। प्राइवेट मोबाइल कंपनियों ने अक्टूबर से नियम बदला तो प्रीपेड उपभोक्ता को प्रत्येक माह न्यूनतम 35 रुपये का रिचार्ज कराने की आवश्यकता होने लगी। रिचार्ज नहीं करने पर मोबाइल कनेक्शन बंद हो जाते हैं। कॉल करने या इंटरनेट चलाने के लिए अलग से टॉपअप कराना पड़ेगा। यानी एक मोबाइल कनेक्शन रखने पर प्रत्येक माह सौ रुपये खर्च करने पड़ेंगे।
मिस काल करने के लिए अनिवार्य
बीएसएनएल ने भी 10 रुपये बैलेंस होने पर मिस्ड काल की व्यवस्था लागू कर दी है। 15 रुपये बैलेंस होने पर ही उपभोक्ता पांच मिनट के लिए कॉल कर पाएंगे। बीएसएनएल महाप्रबंधक संजय प्रसाद ने बताया कि 10 रुपये का न्यूनतम बैलेंस होने पर ही मिस्ड कॉल करने की व्यवस्था लागू हो गई है।
Published on:
30 Nov 2018 10:53 am
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