Flood in Amroha: गंगा किनारे गांवों में 5 फीट तक पानी भरा है। ग्रामीण छतों पर बैठकर जीवन यापन करने को मजबूर। पशुओं के लिए चारा लाने में भी ग्रामीणों को बाढ़ के पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।
Amroha News: पहाड़ी इलाकों पर लगातार हो रही बरसात से मैदानी इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हैं। आलम ये है कि गंगा किनारे बसे गांवों में पांच-पांच फीट तक पानी भरा है। ग्रामीण छतों पर बैठकर जीवन यापन कर रहे हैं। पशुओं के लिए चारा लाने में भी ग्रामीणों को बाढ़ के पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। साथ ही बीते कल धनौरा तहसील इलाके में बाढ़ के पानी में डूबकर एक बुजुर्ग और एक बच्ची की मौत हो गई। जबकि दो दिन पूर्व गजरौला में बाढ़ के पानी से घिरे दो गावों में इलाज नहीं मिलने से गर्भवती महिला और बुखार से पीड़ित बच्ची की मौत हुई थी। उधर प्रशासन बाढ़ ग्रस्त इलाकों में लगातार सुविधा मुहैया कराने का दावा कर रहा है।
बतादें कि इन दिनों बाढ़ के पानी से अमरोहा के लगभग 60-70 गांवों में हालात बेहद खराब हैं। धनौरा तहसील के लगभग 20 गांवों को बाढ़ ने अपनी चपेट में ले लिया है। कुछ गांवों का संपर्क टूट गया है। पानी ग्रामीणों के घरों में भर चुका है। ग्रामीण अपने घर की छत पर गुजर-बसर कर रहे हैं। खाना बना रहे हैं। ग्रामीणों ने पशुओं को आवारा कर दिया है। पशुओं का चारा पूरी तरह नष्ट हो चुका, संपर्क टूटने से आने जाने की दिक्कत खड़ी हो गई है। खादर के कुछ गांव पानी से पूरी तरह घिर चुके हैं। आवागमन के रास्ते पर कहीं-कहीं 5 से 6 फुट पानी भर चुका है। दूसरी तरफ ग्रामीणों को बांध टूटने का डर सता रहा है। ग्रामीण ऐसे में करें तो क्या करें।
छतों पर खाना बनाने को ग्रामीण मजबूर, जागकर काट रहे रातें
प्रशासन की तरफ से भी अभी तक कोई भी मदद नहीं पहुंचाने का ग्रामीण आरोप लगा रहे हैं। दूसरी तरफ बच्चे पढ़ाई को लेकर परेशान हैं। खादर इलाके के बच्चे 4 फीट पानी से गुजर कर पेपर देने शहर की तरफ जा रहे हैं। पेपर देने जा रहे छात्रों का कहना है कि प्रशासन की तरफ से नाव की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। अगर पेपर छूट जाता है तो उनका भविष्य खराब हो सकता है।
उधर इस मामले में डीएम राजेश कुमार त्यागी का कहना है कि बाढ़ का पानी खादर के कुछ गांवों में घुस चुका है। वहीं डीएम का कहना है कि कई गांवों में नाव की व्यवस्था कराई गई है। प्रशासन की टीम लगातार बाढ़ ग्रस्त गांवों का दौरा कर रही है। कैंप लगाकर बीमार ग्रामीणों को दवा दिलाई जा रही है। हर स्थिति पर पैनी नजर है। लोगों को खाने पीने का समान भी बांटा जा रहा है। बाढ़ के पानी से जिन लोगों की मौत हुई है। जांच पड़ताल के बाद उन्हें शासन से मदद दिलाई जाएगी।