
मुरादाबाद: शिक्षकों की भविष्य निधि काटने में लापरवाही के मामले में जनपद के बेसिक शिक्षा अधिकारी योगेन्द्र कुमार के खाते कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के आदेश पर सीज कर दिया गया है। जिसके बाद पूरे शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। संगठन के मुताबिक करीब दस करोड़ की रकम है, इसमें संविदा कर्मचारी, शिक्षामित्र और कस्तूरबा आवासीय विद्यालय के कर्मचारी भी शामिल हैं।
इस वजह से लगी रोक
प्रवर्तन अधिकारी रमेश चन्द्र के मुताबिक अप्रैल 2015 से कर्मचारियों के वेतन से पीएफ की कटौती होनी थी। लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा कोई धनराशि जमा नहीं की। जांच में ये रकम दस करोड़ पायी गयी है। जिसके बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी का खाता सीज कर दिया गया है।
जल्द हटेगी रोक
उधर बेसिक शिक्षा अधिकारी योगेन्द्र कुमार ने बताया कि कर्मचारियों के पीएफ की कटौती होनी चाहिए थी। लेकिन ये राशि नहीं जमा हुई है। वरिष्ठ अधिकारीयों को पूरी रिपोर्ट बनाकर भेजी जा रही है। जल्द खातों से रोक हट जायेगी।
नहीं की कटौती
यहां बता दें कि पहले बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षामित्रों, संविदा कर्मचारियों के वेतन से भविष्य निधि की कटौती नहीं की जाती थी। अप्रैल 2015 में आए आदेश के बाद इन सभी की भी पीएफ कटौती अनिवार्य कर दी गई, लेकिन तब से लेकर अब तक इनके खातों में कोई रकम ही जमा नहीं की गई। मुरादाबाद में बेसिक शिक्षा विभाग में ऐसे कर्मचारियों की संख्या 1,200 के करीब है, जिनके खाते से कटौती की जानी है। इसमें कर्मचारी के वेतन से 12 फीसद की कटौती होकर पीएफ खाते में जमा होनी थी। इतनी ही रकम विभाग को भी कर्मचारियों के पीएफ खाते में जमा करनी थी।
Published on:
22 Sept 2019 04:14 pm
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