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भारत-जर्मनी समझौते से मुरादाबाद के हस्तशिल्प को वैश्विक उड़ान, यूरोपीय बाजारों के द्वार खुले

Moradabad Handicraft: भारत-जर्मनी के बीच हुए रणनीतिक समझौतों से मुरादाबाद के हस्तशिल्प उद्योग को वैश्विक पहचान मिलने की उम्मीद है। वीजा-मुक्त यात्रा, तकनीकी सहयोग और यूरोपीय बाजारों तक आसान पहुंच से निर्यात, रोजगार और कारोबार को नई गति मिलेगी।

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भारत-जर्मनी समझौते से मुरादाबाद के हस्तशिल्प को वैश्विक उड़ान..

India Germany Deal: बदलते वैश्विक आर्थिक हालात के बीच भारत और जर्मनी के बीच हुए हालिया रणनीतिक समझौतों का सीधा लाभ उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद को मिलने जा रहा है। गांधीनगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर ओलाफ शॉल्ज़ की उच्चस्तरीय बैठक के बाद कुल 19 अहम समझौतों पर सहमति बनी।

जिनसे मुरादाबाद के हस्तशिल्प उद्योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान और नया विस्तार मिलने की उम्मीद है। पीतल, एल्यूमिनियम और कांच से बने उत्पादों के लिए यूरोपीय बाजार अब पहले से कहीं अधिक सुलभ होंगे, जिससे निर्यात बढ़ने के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।

वीजा-मुक्त यात्रा से व्यापार मेलों में सीधा संपर्क आसान

इन समझौतों का एक बड़ा लाभ वीजा-मुक्त अल्पकालिक यात्रा को लेकर है। अब मुरादाबाद के कारोबारी जर्मनी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों में बिना वीजा की जटिल प्रक्रिया के भाग ले सकेंगे। इससे यूरोपीय खरीदारों से सीधा संवाद, उत्पादों की बेहतर प्रस्तुति और नए ऑर्डर मिलने की संभावनाएं मजबूत होंगी।

मुरादाबाद हस्तशिल्प निर्यातक संघ के अध्यक्ष नवेद उर रहमान का कहना है कि यह कदम स्थानीय उद्योग को वैश्विक मंच पर मजबूती से स्थापित करेगा, बशर्ते गुणवत्ता, समयबद्ध आपूर्ति और ब्रांडिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए।

खनिज और तकनीकी सहयोग

जर्मनी के साथ खनिज व्यापार सहयोग से पीतल, निकल और अन्य जरूरी धातुओं की आपूर्ति में स्थिरता आएगी। इससे कच्चे माल की अनिश्चितता कम होगी और उत्पादन लागत को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। साथ ही, तकनीकी साझेदारी के जरिए जर्मन डिजाइन और आधुनिक तकनीक का लाभ मुरादाबाद के कारीगरों तक पहुंचेगा, जिससे उत्पादों की फिनिशिंग, टिकाऊपन और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार संभव है।

नए कॉरपोरेट ऑर्डर की उम्मीद

भारत-जर्मनी के बीच रक्षा और रेलवे क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग का अप्रत्यक्ष लाभ मुरादाबाद के औद्योगिक हस्तशिल्प को भी मिल सकता है। कॉरपोरेट और संस्थागत ऑर्डर बढ़ने की संभावनाएं बन रही हैं।

इसके साथ ही यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते की दिशा में उठाए जा रहे कदम भविष्य में शुल्क और नियमों की बाधाओं को कम कर सकते हैं। कुल मिलाकर, यह समझौते मुरादाबाद को केवल एक पारंपरिक हस्तशिल्प केंद्र से आगे बढ़ाकर एक वैश्विक निर्यात हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम साबित हो सकते हैं।