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शांत लड़के से खूंखार आरोपी तक: गाजियाबाद मुठभेड़ में मारे गए जीशान सैफी की पूरी कहानी

Youtuber Salim Attack: गाजियाबाद पुलिस मुठभेड़ में मारा गया आरोपी जीशान सैफी, मदरसे की तालीम से अपराध की दुनिया तक पहुंचने की कहानी।

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गाजियाबाद मुठभेड़ में मारे गए जीशान सैफी की पूरी कहानी | Image Vdieo Grab

YouTuber Salim Attack Case: यूपी के गाजियाबाद में रविवार रात हुई पुलिस मुठभेड़ ने अमरोहा जिले के सैदनगली कस्बे में रहने वाले एक साधारण परिवार की दुनिया उजाड़ दी। जिस जीशान सैफी को कभी परिवार और मोहल्ले में नेक और शरीफ लड़के के तौर पर जाना जाता था, वही अब पुलिस रिकॉर्ड में एक खतरनाक अपराधी के रूप में दर्ज होकर मौत की नींद सो चुका है। इस घटना के बाद से सैदनगली में मातम पसरा हुआ है और हर कोई यही सवाल कर रहा है कि आखिर एक आम परिवार का बेटा अपराध की राह पर कैसे चला गया।

मदरसे की तालीम से मिली थी जिंदगी की शुरुआत

सैदनगली के सकतपुर रोड स्थित दयानंद इंटर कॉलेज के पीछे रहने वाले बुनियाद अली का सबसे छोटा बेटा जीशान बचपन से ही शांत स्वभाव और मजहबी सोच वाला माना जाता था। पिता ने उसे धार्मिक शिक्षा दिलाने के लिए स्थानीय मदरसे में भेजा, जहां उसने तीन साल तक तालीम हासिल की। परिवार को उम्मीद थी कि जीशान आगे चलकर पढ़-लिखकर इज्जत की जिंदगी जिएगा, लेकिन किसे पता था कि यह बच्चा एक दिन अपराध की दुनिया में कदम रख देगा।

नोएडा पहुंचते ही बदल गई जिंदगी की दिशा

साल 2021 में 12वीं पास करने के बाद जीशान बेहतर भविष्य की तलाश में नोएडा चला गया, जहां उसका बड़ा भाई गुलफाम पहले से रहकर लकड़ी का काम करता था। शुरुआत में जीशान ने मेहनत-मजदूरी कर खुद को संभालने की कोशिश की, लेकिन धीरे-धीरे उसका संपर्क गलत लोगों से जुड़ता चला गया। परिजनों का कहना है कि नोएडा जाने के बाद उसके व्यवहार में बदलाव आने लगा था, लेकिन किसी को अंदेशा नहीं था कि यह बदलाव इतना खतरनाक साबित होगा।

मजदूरी के पैसे लेने निकला और लापता हो गया

जीशान आखिरी बार 16 फरवरी को अपने माता-पिता से मिलने सैदनगली आया था। एक रात रुकने के बाद वह 17 फरवरी को वापस नोएडा लौट गया। परिजनों के मुताबिक, शुक्रवार को वह किसी ठेकेदार से मजदूरी के पैसे लेने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन इसके बाद उसका कोई पता नहीं चला। परिवार को उम्मीद थी कि वह देर-सवेर लौट आएगा, लेकिन फोन बंद मिलने से चिंता बढ़ती चली गई।

अस्पताल में भर्ती होने की खबर ने बढ़ाया दर्द

रविवार रात गाजियाबाद में हुई पुलिस मुठभेड़ के बाद सैदनगली पुलिस आधी रात को जीशान के घर पहुंची और परिवार को सिर्फ इतना बताया कि वह अस्पताल में भर्ती है। इस खबर से परिवार की धड़कनें तेज हो गईं। पूरी रात मां-बाप बेटे की सलामती की दुआ मांगते रहे, जबकि सोशल मीडिया पर जीशान की मौत की खबरें वायरल हो चुकी थीं। परिवार इस दोहरे सच के बीच पूरी रात टूटता-बिखरता रहा।

सोशल मीडिया पर मौत की खबर से पसरा मातम

जीशान की मौत की खबर सबसे पहले उसके चचेरे भाई मोहम्मद शादाब को इंटरनेट के जरिए मिली। जैसे ही यह सूचना मोहल्ले में फैली, सैदनगली में सन्नाटा छा गया। पड़ोसी और रिश्तेदार यकीन नहीं कर पा रहे थे कि जिस लड़के को वे बचपन से जानते थे, वह अब पुलिस एनकाउंटर में मारा जा चुका है। पूरे इलाके में मातम का माहौल बन गया और हर चेहरा सदमे में डूबा नजर आया।

पिता की टूटी उम्मीदें और उजड़ता सपना

बुनियाद अली लकड़ी का काम कर किसी तरह अपने परिवार का पेट पालते हैं। उन्होंने अपनी पांचों बेटियों की शादी कर दी थी और छोटे बेटे जीशान से उन्हें बहुत उम्मीदें थीं। उन्हें लगता था कि बेटा आगे चलकर परिवार का सहारा बनेगा, लेकिन अब वही बेटा अपराध की दुनिया में नाम दर्ज कराकर मौत के घाट उतर गया। पिता के लिए यह मान पाना बेहद मुश्किल हो रहा है कि मदरसे की तालीम लेने वाला बेटा गोलियों और कत्ल की कहानी का हिस्सा कैसे बन गया।

पुलिस की सफलता और परिवार की त्रासदी

पुलिस इस मुठभेड़ को अपराध के खिलाफ बड़ी कामयाबी बता रही है, लेकिन दूसरी ओर एक परिवार अपने बेटे को खोने के दर्द से गुजर रहा है। एक तरफ कानून व्यवस्था के नाम पर पुलिस की कार्रवाई को सही ठहराया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या समय रहते जीशान जैसे युवाओं को सही राह दिखाकर इस अंजाम से बचाया जा सकता था। यह घटना समाज के लिए भी एक बड़ा सबक है कि किस तरह गलत संगत और हालात किसी को भी अपराध की राह पर धकेल सकते हैं।