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अर्धनग्न प्रदर्शन के दौरान आपस में ही भिड़े शिक्षामित्र, दो गुटों में बंटे

अर्धनग्न प्रदर्शन के लिए कपड़े उतारने को लेकर हुआ विवाद, कपड़े उतारने के विरोध कर रहे शिक्षामित्र को धरना स्थल से बाहर कर दिया गया।

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UP Shikshamitra

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मुरादाबाद. मंगलवार को शिक्षा मित्रों के मामले में फैसला लेते हुए उन्हें ग्यारह महीने की नियुक्ति और दस हजार रुपए मानदेय फिक्स कर दिया था। जिसके बाद एक बार फिर से शिक्षामित्र आंदोलन पर उतर आए है। गुरुवार को जनपद में शिक्षा मित्रों ने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया और यही नहीं योगी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। शिक्षामित्र ने उन्होंने कहा कि सहायक अध्यापक का पद किसी भी कीमत पर लेकर रहेंगे। वहीं इस दौरान कपड़े उतारकर प्रदर्शन को लेकर शिक्षामित्रों में आपस में ही बहसबाजी हो गयी। जिस कारण कपड़े उतारने के विरोध कर रहे शिक्षामित्र को धरना स्थल से बाहर कर दिया गया।

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आज सुबह जनपद के विभिन्न प्राथमिक स्कूलों के हजार से ज्यादा शिक्षा मित्र आंबेडकर पार्क में इकट्ठे हुए और सरकार पर दबाब बनाने के लिए पुरुष शिक्षामित्रों ने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन शुरू किया। शिक्षा मित्र बोले कि सरकार ने हमें जानबूझकर कपड़े उतारने पर मजबूर किया है। हमारे परिवारों का क्या होगा इसकी चिंता किए बिना ही योगी सरकार ने फैसला ले लिया है। शिक्षामित्रों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

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आपको बतादें कि बीती 25 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में सहायक अध्यापक पद पर शिक्षामित्रों की नियुक्ति को अवैध ठहराते हुए रद्द कर उन्हें मूल पद पर वापस लेने को कहा था। जिसके अगले दिन ही सूबे में शिक्षा मित्र सड़कों पर उतर आये और सरकार पर दबाब बनाया। लेकिन योगी सरकार ने एक न सुनी और उसने स्पष्ट कर दिया था कि वो सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ नहीं जायेगी। जिसके बाद मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में शिक्षा मित्रों को अगस्त महीने से दस हजार मानदेय फिक्स कर उनकी नियुकित पहले की तरह ही ग्यारह महीने की कर दी। इसी का विरोध शिक्षा मित्र कर रहे हैं। जनपद में तकरीबन पंद्रह सौ शिक्षामित्र इस फैसले से प्रभावित हैं। अब सिवाय आन्दोलन के शिक्षामित्रों को कोई रास्ता नहीं सूझ रहा।