
रामपुर. समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेका व पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज किया गया है। दरअसल, अखिलेश की सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे आजम खान ने पिछले विधानसभा चुनाव में अपने बेटे अब्दुल्ला को स्वार टांडा से समाजवादी पार्टी के टिकट पर प्रत्याशी बनाया था। अब्दुल्ला के नामांकन कराने के साथ ही उनकी उम्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। वहीं, नामांकन के दौरान फर्जी पेनकार्ड के इस्तेमाल का भी आरोप लगा था। इसके बाद पूर्व मंत्री नवेद मियां ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में प्रार्थना पत्र दे दिया था। इसी पर सुनवाई करते हुए अदालत ने मामले में केस दर्ज करने के आदेश दिया था। जिस पर अब जिले की पुलिस ने हरकत दिखाते हुए पिता-पुत्र के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
बता दें कि बसपा प्रत्याशी रहे पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खान उर्फ़ नवेद मियां ने आरोप लगाया था कि अब्दुल्ला ने फर्जी प्रमाण-पत्रों के आधार पर नामांकन पत्र दाखिल किया था। उन्होंने कहा था कि अब्दुल्ला की ओर से दिया गया शपथ-पत्र भी झूठा है। उसके साथ जो पैन कार्ड लगा है, वह भी गलत है। इस पर जांच पड़ताल कराई गई तो उनके आरोप सही पाए गए। गौरतलब है कि अब्दुल्ला की उम्र पैन कार्ड में कम पाई गई। इसके बाद रामपुर के शहजादे नवेद मियां ने इसी जांच के आधार पर अदालत में प्रार्थना याचिका दायर कर दिया था। इसमें उन्होंने कहा था कि अब्दुल्ला ने अपने नामांकन-पत्र के साथ फर्जी प्रमाण-पत्र दाखिल किए है।
इस मामले में नवेद मियां ने अब्दुल्ला के साथ ही उनके पिता आजम खां पर भी आरोप लगाते हुए कहा था कि इस में उन की थी साजिश है। इसी के आधार पर सपा नेता अब्दुल्ला और उनके पिता व पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां के खिलाफ भी कोर्ट के आदेश पर जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
Published on:
03 Apr 2018 01:46 pm
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