3 नवंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पुरानी पेंशन बहाली को लेकर अब कर्मचारियों ने उठा ली मशाल और सरकार को दे डाली चेतावनी

Highlights -राज्य कर्मचारी फिर हुए आंदोलित -मशाल जुलूस निकालकर दिखाई ताकत -जल्द मांगें पूरी करने की मांग
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

मुरादाबाद

•

image

Jai Prakash

•

Updated: 21 Nov 2019, 4:28 PM IST

mashal_juloos.jpg

मुरादाबाद: पुरानी पेंशन बहाली व वेतन व नौकरियों के स्थाईकरण की मांग को लेकर आज राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद् के बैनर तले कर्मचारियों ने मशाल जुलूस निकाला और सरकार से जल्द अपनी लंबित मांगें पूरी करने की मांग की। यही नहीं कर्मचारियों ने मांगें न पूरी होने पर आगे तीव्र आन्दोलन की चेतावनी दी है।

हादसे के बाद सड़क पर तड़पता रहा युवक, न पहुंची पुलिस और न एंबुलेंस देखते रहे लोग- देखें वीडियो

ये मांगे उठाई
राज्य कर्मचारियों ने सिविल लाइन क्षेत्र अंबेडकर पार्क से जिलाधिकारी कार्यालय तक मशाल जुलूस निकाल अपना विरोध जाहिर किया। मशाल जुलूस से पूर्व अंबेडकर पार्क में कर्मचारियों की एक सभा भी आयोजित हुई। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के तत्वाधान में निकाले गए मशाल जुलूस के दौरान राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद जिला शाखा मुरादाबाद के जिला अध्यक्ष डॉ संदीप बडोला ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं के प्रति उदासीन है, पुरानी पेंशन बहाली, केंद्र के समान भत्ते, संविदा/ आउटसोर्सिंग के कर्मचारियों का नियमितीकरण, वेतन विसंगति दूर किए जाने, चतुर्थ श्रेणी सहित समस्त संवर्ग की नियुक्तियों आदि मांगों पर सरकार गंभीर नहीं है। उच्च स्तर पर अधिकारी परिषद के साथ लिखित में समझौता तो करते हैं, परंतु उन समझौतों को लागू नहीं किया जाता है, कैशलेस इलाज की सुविधा का लाभ कर्मचारियों को नहीं मिल रहा है, स्वास्थ्य विभाग के आउटसोर्सिंग के कर्मचारियों की सेवा के 4 वर्ष बाद निकाला जा रहा है, जिससे उनके समक्ष आर्थिक तंगी उत्पन्न हो गई है, महिला कर्मचारियों की वर्षों से प्रोन्नति नहीं हो रही है, जिस कारण प्रदेश के कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त है।

मुर्दों को जिन्दा दिखाकर ये गैंग इंश्योरेंस कम्पनी को लगा रहा था चूना, पुलिस ने ऐसे किया गिरफ्तार

शिक्षक गए लखनऊ
यहां बता दें कि इसी मुद्दे को लेकर 800 से ज्यादा शिक्षक आज लखनऊ में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने गए हैं। जिस कारण सरकारी कार्यालयों के साथ ही स्कूल में पठन-पाठन न के बराबर हुआ।