
Holi
मुरादाबाद: अपना देश तमाम परमपराओं और त्योहारों के देश है। माना जाता है कि हर त्यौहार हमारे जीवन में नयी उमंग और खुशियां लेकर आता है। ऐसा ही बड़ा पर्व है होली, ये न रंगों बल्कि जीवन को नए रंगों में भरने का पर्व है। इस बार होली का पार्व 20 मार्च को है, जबकि रंग 21 मार्च को खेला जाएगा। ऐसा माना जाता है कि होलिका की पवित्र आगे में लोग जौ की बालें और शरीर पर लगाया हुआ उबटन डालते हैं। ऐसा करने से घर में खुशहाली आती है और बुरी नजर का प्रभाव दूर होता है।
ये है शुभ मुहूर्त
होली से एक दिन पहले शाम को होलिका दहन किया जाता है। इस बार होलिका दहन का मुहूर्त 20 मार्च शाम 20:57 से 00:28 मिनट तक है। होलिका से जुड़ी अलग-अलग परंपरा है। कहीं-कहीं होलिका की आग घर ले जाई जाती है। उस आग से घर में रोटी बनाने को शुभ माना जाता है।
ये है मान्यता
प्राचीन मान्यताओं के मुताबिक भक्त प्रह्लाद के पिता हिरण्यकश्यप अपने बेटे से बहुत नफरत करता था। उसने प्रह्लाद पर हजारों हमले करवाए। फिर भी प्रह्लाद सकुशल रहा।हिरण्यकश्यप ने प्रह्लाद को मारने के लिए अपनी बहन होलिका को भेजा। होलिका को वरदान था कि वह आग से नहीं जलेगी। हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका को बोला कि वह प्रह्लाद को लेकर आग में बैठ जाए। होलिका प्रह्लाद को लेकर आग में कूद गई। लेकिन हुआ इसका उल्टा। होलिका प्रह्लाद को लेकर जैसे ही आग में गई वह जल गई वह प्रह्लाद बच गए। प्रह्लाद अपने आराध्य विष्णु का नाम जपते हुए आग से बाहर आ गए। तब से होलिका दहन की प्रचालन। इसके साथ ही अगले दिन रंगों का त्योहार मनाया जाता है।
Published on:
08 Mar 2019 09:50 am
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