
मुरादाबाद: उत्तराखंड से जनपद के ठाकुरद्वारा क्षेत्र में पिछले एक महीने से तेंदुए का आतंक बना हुआ है। इस इलाके में रहने वाले युनुस की मासूम बेटी को भी घर के अंदर तेंदुए ने उस समय अपना निवाला बनाने की कोशिश की जब वो घर के आंगन में खेल रही थी। जिसमे मासूम बच्ची मामूली घायल हुई है और बाल बाल बच गयी। यही नहीं मौके से तेंदुए के पैरों के निशान भी मिले हैं। इस इलाके में उदासीन वन विभाग की अनदेखी से तेंदुए की दहशत में जी रहे लोगों में रोष है। हालांकि इस घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने वन विभाग को विशेष निर्देश जारी कर दिए हैं। लेकिन तेंदुआ अभी तक काबू में नहीं आया है।
ठाकुरद्वारा में अब्दुल्लापुर इलाके की है जहाँ प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युनुस की 4 साल की बच्ची अपने घर में खेल रही थी। उसी दौरान तेंदुए ने उस पर हमला बोल दिया। लेकिन पहले से तेंदुए की दहशत में रह रहे लोगों के सजग होने और शोर मचने के कारण तेंदुआ उसे छोड़कर भाग गया। मासूम बच्ची मामूली घायल हुई है। मौके पर तेंदुए के पंजों के निशान भी साफ़ दिखाई दे रहे हैं। इस इलाके में कुछ दिन पहले एक बच्चे को भी तेंदुए ने निवाला बनाया था। जिसके बाद इस पूरे इलाके में तेंदुए की दहशत बनी हुई है। वन विभाग में कोई सुनवाई न होने के कारण इलाके के लोग खुद ही रखवाली कर रहे हैं,,और वन विभाग के खिलाफ लोगों में काफी रोष है। वन विभाग का दफ्तर भी बंद पडा हुआ है। हालाकि इस घटना के बाद एसडीम ठाकुरद्वारा ने वन विभाग को पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने के लिए निर्देश दे दिए हैं।
यहां बता दें कि रामगंगा नदी से सटे इलाकों और उत्तराखंड के जिम कार्बेट से लगी सीमा के कारण ठाकुरद्वारा समेटा अब शहर से सटे इलाकों में भी जंगली जानवर दस्तक दे रहे हैं। पिछले महीने 19 जनवरी को सिविल लाइन थाना क्षेत्र में अगवानपुर के जंगलों में तेंदुआ शिकारी के शिकंजे में फंस गया था। जिसे करीब सात घंटे के ऑपरेशन के बाद काबू कर कानपूर भिजवाया गया। इसके दो तीन दिन बाद ही इस इलाके में फिर तेंदुआ दिखाई दिया। लेकिन वन विभाग अभी भी तेंदुए को पकड़ नहीं पा रहा। सबसे ज्यादा दहशत में ठाकुरद्वारा तहसील के लोग हैं। जहां अब तेंदुआ पालतू जानवरों के साथ इंसानों को भी निशाना बना रहा है।
Published on:
22 Feb 2018 05:44 pm
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