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मुरादाबाद में तेंदुए का तांडव: 40 गांवों में छाया मौत का साया, ग्रामीणों की जिंदगी हुई मुश्किल

Moradabad News: मुरादाबाद के कांठ क्षेत्र में तेंदुओं का आतंक बढ़ गया है। करीब 40 गांवों के ग्रामीण डर के साए में जी रहे हैं, खेतों में जाने से कतराते हैं और बच्चों को अकेले बाहर नहीं जाने दिया जा रहा है।

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moradabad leopard attack villages

मुरादाबाद में तेंदुए का तांडव | AI Generated Image

Leopard Attack Moradabad: मुरादाबाद के कांठ तहसील क्षेत्र में तेंदुओं का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। करीब 40 गांवों के ग्रामीण इस खौफनाक स्थिति से भयभीत हैं और अपने रोजमर्रा के कामों में भी बाधाओं का सामना कर रहे हैं। महदूद कलमी, हसनगढ़ी, कुम्हरिया जुबला, जहांगीरपुर चकफेरी, गदापुर, मिश्रीपुर, मंझरा, बेगमपुर, खूंटखेड़ा, हीरापुर, ध्यानपुरा, भागीजोत और खादर क्षेत्र के अन्य गांवों में लोग खेतों में जाने से कतराते हैं, तो बच्चों को भी अकेले घर से बाहर नहीं जाने दिया जा रहा है।

वन विभाग की चुनौती

वन विभाग की टीम ने तेंदुओं को पकड़ने के लिए पिजरे लगाए हैं, लेकिन पिछले दो महीने से तेंदुओं का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा। हर रोज कहीं न कहीं तेंदुए दिखाई देते हैं और उनके शावक भी लगातार मिल रहे हैं। इस स्थिति में ग्रामीणों में सुरक्षा की भावना कम और डर अधिक हो गया है।

तेंदुओं के हमलों का बढ़ता आंकड़ा

30 जनवरी को फजलाबाद में तेंदुए ने गोवंशीय पशु को अपना निवाला बनाया था। इसके बाद 3 फरवरी को वैरमपुर निवासी राहुल के खेत में तेंदुआ देखा गया। 5 फरवरी को मुंडाला के नीटू के कुत्ते को तेंदुआ उठा ले गया। 18 फरवरी को नसीरपुर में मृत तेंदुआ मिला। 19 फरवरी को लाडलाबाद के जंगल में वनरोज पर हमला हुआ। 20 फरवरी को अहमदपुर निंगू नंगला में कार सवारों ने दो तेंदुए देखे।

पुलिस और ग्रामीणों की दहशत

24 फरवरी को दरियापुर से लौट रही पुलिस टीम के सामने तेंदुआ आ गया। 25 फरवरी को समंदपुर के पूर्व प्रधान योगेश सिंह के खेत में तेंदुआ दिखाई दिया। 12 मार्च को मुख्त्यारपुर नवादा में नहर किनारे कार सवारों ने तेंदुआ देखा। 14 मार्च को लदावली और सुंदरपुर चाऊपुरा में दो तेंदुए मिले।

शावक और हमलों की भयावह कहानी

19 मार्च को दयानाथपुर में तेंदुए के दो शावक मिले। 21 मार्च को मल्हपुर खैईया में गोवंश पर हमला हुआ। 23 मार्च को फत्तेहपुर के किसान विजेंद्र सिंह घायल हुए। 28 मार्च को सलेमपुर में दो शावक सहित तेंदुआ देखा गया। 30 मार्च को फजलाबाद में दो शावक मिले और शाम में महदूद कलमी में तेंदुए ने बच्ची सिदरा को घायल कर दिया।

ग्रामीण जीवन प्रभावित

ग्रामीण अब खेतों में जाने से डर रहे हैं, बच्चों को अकेले बाहर नहीं जाने दिया जा रहा है और पशुपालक अपने पशुओं को सुरक्षित रखने में लगे हुए हैं। वन विभाग की ओर से पिजरे लगाए जा रहे हैं, लेकिन तेंदुओं का आतंक कम नहीं हो रहा। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द उपाय नहीं हुआ तो यह स्थिति और गंभीर हो सकती है।