
वर्दी पर दाग! Image Source - Social Media 'X'
Beef extortion case in Moradabad: यूपी के मुरादाबाद जिले के थाना पाकबड़ा क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस की कथित सौदेबाजी की योजना पूरी तरह नाकाम हो गई। मामला तब उजागर हुआ जब SSP तक सीधे शिकायत पहुंची कि पुलिस ने गोमांस से भरी कार को जब्त करने के बजाय सौदेबाजी शुरू कर दी है। इस गंभीर लापरवाही पर SSP ने तुरंत सख्त कार्रवाई की और थाना प्रभारी समेत 10 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।
जानकारी के अनुसार, पुलिस ने कार से बरामद गोमांस को गड्ढा खोदकर मिट्टी में दबवा दिया और वाहन को थाने लाने के बजाय एक गुप्त स्थान पर छिपा दिया। इसके बाद टीम मालिक तक पहुंचने और वसूली करने की योजना में जुट गई। लेकिन पुलिस की यह करतूत ज्यादा देर तक छिप नहीं सकी और SSP तक खबर पहुंच गई।
मामला तब खुला जब मंगलवार दोपहर जनसुनवाई के दौरान शिकायत सीधे SSP सतपाल अंतिल तक पहुंची। जैसे ही SSP ने इंस्पेक्टर पाकबड़ा मनोज कुमार से सवाल किया, वह बगले झांकने लगे। स्थिति गंभीर देखते हुए SSP ने तीन-तीन CO और SOG की संयुक्त टीम को मौके पर भेजा। जांच में पुलिस की पूरी साजिश उजागर हो गई।
CO और SOG की टीम ने छानबीन शुरू की तो दबाया गया गोमांस मिट्टी से बाहर निकलवाया गया। पशु चिकित्सकों को मौके पर बुलाकर नमूना लिया गया ताकि स्पष्ट हो सके कि यह गोमांस है या भैंस का मांस। साथ ही, छिपाई गई होंडा सिटी कार (UP 13 Q 5777) भी बरामद कर थाने लाई गई। शुरुआती जांच में पता चला कि यह गाड़ी कुंदरकी के मोहल्ला सादात निवासी मोहम्मद शमी के नाम पर रजिस्टर्ड है।
पूरे घटनाक्रम की शुरुआत सोमवार देर रात हुई, जब उमरी सब्जीपुर जंगल में PRV पुलिस ने एक कार खड़ी देखी। गाड़ी के पास पहुंचे तो सवार भाग खड़े हुए। जांच करने पर कार से गोमांस बरामद हुआ। PRV टीम ने चौकी इंचार्ज और इंस्पेक्टर को सूचना दी, लेकिन यहीं से खेल शुरू हो गया। पुलिस ने ऊपरी अधिकारियों को सूचना दिए बिना सौदेबाजी का रास्ता चुना।
शिकायत की पुष्टि होने पर SSP ने पाकबड़ा इंस्पेक्टर मनोज कुमार को कड़ी फटकार लगाई और तीन CO तथा SOG की विशेष टीम गठित कर मामले की गहराई से जांच शुरू कराई। SSP ने साफ कहा कि मामले में शामिल किसी भी पुलिसकर्मी को बख्शा नहीं जाएगा।
फिलहाल पूरे मामले की जांच CO को सौंपी गई है। SSP ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए SOG टीम तैनात की है। शुरुआती जांच में ही स्पष्ट हो गया कि यह पूरा मामला वसूली का रैकेट था। हैरानी की बात यह रही कि इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने पाकबड़ा थाने का चार्ज संभाले सिर्फ 24 घंटे ही हुए थे और इतने कम समय में यह बड़ा कांड सामने आ गया।
Updated on:
3 Sep 2025, 5:39 PM IST
Published on:
3 Sep 2025, 5:39 PM IST
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