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पांच साल बाद भी मोस्ट वांटेड सुमित को नहीं पकड़ सकी पुलिस, फहीम एटीएम भी है फरार

Moradabad News: मई 2018 को बदायूं जेल से सुमित फरार हो गया था। उस पर दो लाख का इनाम घोषित है। पुलिस के अलावा एसटीएफ भी उसे तलाश रही है। अब तक उसका कोई सुराग हाथ नहीं लग सका है।

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Moradabad police could not catch most wanted Sumit even after five years

Moradabad News Today: उत्तर प्रदेश के मोस्ट वांटेड अपराधियों की सूची में शामिल दो लाख के इनामी सुमित को पुलिस पांच साल बाद भी गिरफ्तार नहीं कर पाई। सुमित ने भरी कचहरी में पूर्व ब्लॉक प्रमुख योगेंद्र सिंह उर्फ भूरा की हत्या कर दी थी और बदायूं जेल की दीवार फांद कर फरार हो गया था। पुलिस के अलावा एसटीएफ भी उसकी तलाश में जुटी है।

कचहरी में की गई थी ब्लॉक प्रमुख की हत्या
23 फरवरी 2015 को कचहरी में डिलारी के पूर्व ब्लॉक प्रमुख योगेंद्र सिंह उर्फ भूरा की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। डिलारी के हिमायूंपुर निवासी पूर्व ब्लॉक प्रमुख सिविल लाइंस के रिंकू चौधरी हत्याकांड में जेल में बंद थे। घटना के समय उन्हें जेल से पुलिस कस्टडी में पेशी पर कोर्ट लाया गया था।

पुलिस कर्मियों ने मौके पर ही रिंकू चौधरी के भाई सुमित और उसके ममेरे भाई पंकज को दबोच लिया गया था। इसके बाद दोनों को जेल भेज दिया गया था। सितंबर 2015 को सुमित को मुरादाबाद से बदायूं जेल शिफ्ट कर दिया गया था। 12 मई 2018 की रात कुख्यात अपराधी चंदन की मदद से सुमित जेल की दीवार फांदकर फरार हो गया था।

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दो लाख का इनाम है घोषित
उस पर दो लाख का इनाम घोषित है। पुलिस के अलावा एसटीएफ भी उसे तलाश नहीं पाई है। सुमित की फरारी के कारण उसके खिलाफ मुरादाबाद कोर्ट में चल रहे केसों की सुनवाई भी बाधित हो रही है। पिछले माह सिविल लाइंस थाने में सुमित के खिलाफ कोर्ट के आदेश की अवमानना के मामले में केस दर्ज किया गया था। एसएसपी हेमराज मीना ने बताया कि सुमित की तलाश में पुलिस टीमें लगी हैं।