
मुरादाबाद में 4941 रंगरूट बने सिपाही | Image - X/@moradabadpolice
Passing Out Parade Moradabad: यूपी के मुरादाबाद में रविवार सुबह का दृश्य बेहद खास और भावनात्मक रहा, जब 4941 प्रशिक्षु सिपाहियों ने पासिंग आउट परेड के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस में औपचारिक रूप से कदम रखा। छह अलग-अलग प्रशिक्षण संस्थानों में महीनों की कड़ी मेहनत के बाद इन रंगरूटों ने जब एकसाथ कदमताल की, तो पूरा माहौल गर्व और उत्साह से भर गया। परेड ग्राउंड में मौजूद परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू थे, जबकि मंच से देशसेवा, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश लगातार गूंजता रहा।
इन सभी प्रशिक्षु सिपाहियों ने आउटडोर और इनडोर की कठिन परीक्षाओं को सफलतापूर्वक पार किया। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती प्रक्रिया के तहत चयनित 60,244 अभ्यर्थियों में से लगभग पांच हजार को मुरादाबाद के प्रशिक्षण केंद्रों में ट्रेनिंग दी गई थी। 20 जुलाई 2025 से शुरू हुई इस ट्रेनिंग में शारीरिक क्षमता, मानसिक मजबूती और कानून व्यवस्था से जुड़ी बारीकियों पर विशेष ध्यान दिया गया। अब ये सभी सिपाही पूरी तरह से सेवा के लिए तैयार हैं और प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करेंगे।
मुरादाबाद के पुलिस लाइन, पीटीसी, पीटीएस, नौवीं वाहिनी पीएसी, 23वीं वाहिनी पीएसी और 24वीं वाहिनी पीएसी में अलग-अलग पासिंग आउट परेड आयोजित की गई। पुलिस लाइन में डीजी ट्रेनिंग राजीव सभरवाल ने सलामी ली, जहां 955 सिपाही पास हुए। पीटीएस में 1373 रंगरूटों ने परेड में हिस्सा लिया, जहां डीआईजी यमुना प्रसाद मुख्य अतिथि रहे। वहीं पीटीसी में 1455 महिला प्रशिक्षु सिपाहियों ने शानदार प्रदर्शन किया, जहां एडीजी अमित चंद्र ने सलामी ली। इसके अलावा अन्य वाहिनियों में भी सैकड़ों महिला सिपाहियों ने परेड पूरी कर पुलिस बल में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।
इस पासिंग आउट परेड की खास बात महिला सिपाहियों की बड़ी भागीदारी रही। पीटीसी सहित विभिन्न वाहिनियों में महिला प्रशिक्षुओं ने अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। उनके प्रदर्शन ने यह साबित किया कि महिलाएं अब हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। प्रशिक्षण के दौरान उनकी मेहनत और समर्पण परेड में साफ दिखाई दिया, जिसने सभी को प्रभावित किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए नव आरक्षियों को संबोधित किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पुलिस बल की सबसे बड़ी ताकत अनुशासन है और बेहतर प्रशिक्षण से ही मजबूत कानून व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रेनिंग के दौरान जितना अधिक पसीना बहाया जाएगा, उतना ही कम खून बहाना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में साइबर थाने स्थापित किए जा चुके हैं और पीएसी की तीन महिला बटालियन गठित की गई हैं। उन्होंने कहा कि जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अपराध पर प्रभावी नियंत्रण किया गया है। उनके अनुसार अब प्रदेश में दंगे नहीं होते, माफिया राज समाप्त हो चुका है और पुलिस बल का मनोबल पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है।
Published on:
26 Apr 2026 12:34 pm
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