
मुरादाबाद में पार्क निर्माण पर बवाल..
Bulldozer Protest Moradabad: मुरादाबाद के चक्कर की मिलक वार्ड-25 में रामगंगा नदी के किनारे पार्क निर्माण को लेकर अचानक विवाद खड़ा हो गया। नगर निगम की टीम सरकारी जमीन पर पार्क विकसित करने की योजना के तहत बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंची थी, लेकिन जैसे ही जमीन की खोदाई शुरू हुई, स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते माहौल गर्म हो गया और कई महिलाएं बुलडोजर के सामने खड़ी हो गईं। विरोध और हंगामे के कारण नगर निगम की टीम को फिलहाल कार्रवाई रोककर वापस लौटना पड़ा।
नगर निगम की मशीनें जैसे ही जमीन की खुदाई करने लगीं, आसपास रहने वाले लोग मौके पर पहुंच गए। महिलाओं ने बुलडोजर के सामने खड़े होकर काम रुकवा दिया और जोरदार विरोध जताया। उनका कहना था कि जिस जमीन पर नगर निगम पार्क बनाने की बात कर रहा है, वह उनकी निजी जमीन है। महिलाओं के विरोध और शोर-शराबे के चलते मौके पर अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई और स्थिति को देखते हुए निगम की टीम को काम रोकना पड़ा।
स्थानीय लोगों और नगर निगम के बीच जमीन के स्वामित्व को लेकर विवाद गहरा गया है। क्षेत्र के लोगों का दावा है कि यह जमीन निजी है और नगर निगम को यहां निर्माण करने का कोई अधिकार नहीं है। वहीं नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि तहसील के लेखपाल के माध्यम से जमीन की पैमाइश कराई जा चुकी है और सरकारी अभिलेखों में यह जमीन नगर निगम की ही दर्ज है।
क्षेत्र की अधिवक्ता रिया सैनी का कहना है कि नगर निगम को उनकी एक इंच भी जमीन नहीं चाहिए और इस जमीन को लेकर मामला सिविल कोर्ट में विचाराधीन है। उनका आरोप है कि अदालत के फैसले का इंतजार किए बिना नगर निगम कई बार जबरन कब्जा करने की कोशिश कर चुका है। वहीं अधिवक्ता सालिम का कहना है कि जमीन की ईमानदारी से दोबारा पैमाइश कराई जानी चाहिए, क्योंकि पहले की गई पैमाइश में कई त्रुटियां हैं और नगर निगम की जमीन किसी अन्य गाटा संख्या में बताई जा रही है।
इस जमीन को लेकर विवाद कोई नया नहीं है। जानकारी के मुताबिक यह मामला वर्ष 2018 से चला आ रहा है। उस समय नगर निगम ने कुछ लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई थी। इसके बावजूद जमीन के स्वामित्व को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी और दोनों पक्ष अपने-अपने दावे करते रहे।
अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह ने बताया कि चक्कर की मिलक में पार्क निर्माण के लिए बुनियाद की खोदाई कराने निगम की टीम भेजी गई थी, लेकिन विरोध के कारण टीम को वापस लौटना पड़ा। उन्होंने बताया कि पहले यहां पिलर भी लगाए गए थे, जिन्हें विरोध करने वालों ने तोड़ दिया था। अधिकारियों के अनुसार सरकारी अभिलेखों में जमीन नगर निगम की है और आगे की कार्रवाई नियमों के अनुसार की जाएगी।
Published on:
08 Mar 2026 09:05 pm
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