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तीन बार छटने के बाद स्मार्ट सिटी में शामिल हुआ मुरादाबाद, जानिए क्या होगा फायदा?

तीन बार पिछड़ने के बाद यूपी के मुरादाबाद को स्मार्ट सिटी के लिस्ट में शामिल कर लिया गया है।

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moradabad select in smart city

मुरादाबाद। केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद पूरे देश के अंदर 100 शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने का सपना सरकार ने बनाया। जिसमें उत्तर प्रदेश को 12 शहरों का कोटा मिला, लेकिन बाद में बढ़ कर 14 स्मार्ट सिटी कर दिया गया। सरकार की यह योजना 25 जून 2015 से शुरू हुई थी। वहीं, पहले राउंड की शुरुआत दिसंबर 2015 से में किया गया था। शुरुआत के तीन राउंड में स्मार्ट सिटी की लिस्ट में मुरादाबाद को शामिल नहीं किया। लेकिन, 13 दिसंबर को जब स्मार्ट सिटी की चौथी लिस्ट जारी की गई तो मुरादाबाद शहर को इसमें शामिल कर लिया गया। स्मार्ट सिटी की लिस्ट में मुरादाबाद को शामिल करने के बाद मेयर विनोद अग्रवाल ने पूरे नगरवासियों को बधाई दी है। साथ ही उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी में मुरदाबाद का शामिल होना गर्व की बात है और इससे शहर का काफी विकास भी होगा।

जानिए क्यों तीन राउंड में पिछड़ा मुरादाबाद

स्मार्ट सिटी की प्रभारी टीएन मिश्रा ने बताया कि पहले राउंड में सबसे बड़ी समस्या यह रही कि स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट को कैसे बनाया जाए। साथ ही केंद्र सरकार ने जिस कंपनी को टेंडर दिया, उस कंपनी का अनुभव ज्यादा नहीं था। तीसरा कारण मुरादाबाद की जनता के द्वारा स्मार्ट सिटी को वोटिंग करने का रहा. क्योंकि केवल 9000 लोगों ने ही स्मार्ट सिटी के लिए वोटिंग की थी। उन्होंने कहा कि जून 2016 में जेल एल एल टाटा इंडिया टाउन लैंड को मुरादाबाद स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट बनाने का ठेका दिया गया। कंपनियों का आपस में तालमेल नहीं होने की वजह से और एक बार फिर जनता के द्वारा वोटिंग नहीं करना, हमारे लिए फेलियर साबित हुआ। जनवरी 2017 में स्मार्ट सिटी बनाने का काम विदेश की तीन कम्पनियों को दिया गाय, जिन्होंने प्रोजेक्ट अच्छा बनाया जिसकी वजह से हमारे शहर का स्थान 31वें नम्बर पर आया। उन्होंने कहा कि यहां हमारी कमी यह रही कि हमने अधिक आय वाली साइटों को इसमें शामिल किया। साथ ही हमारा प्रोजेक्ट थोड़ा बड़ा रहा। केंद्र सरकार ने इसके लिए थोडे दिशा-निर्देश दिए कि प्रोजेक्ट थोड़ा छोटा करो। साथ ही प्रोजेक्ट टेक्निकल भी होनी चाहिए।

ऐसे मिली सफलता

स्मार्ट सिटी प्रभारी ने बताया कि नवंबर 2017 में हमने केंद्र सरकार की बातों को माना और उस पर काम भी किया। साथ ही तीसरे राउंड की कम्पनियों पर ही भरोसा कर उन्हीं से प्रोजेक्ट बनवाया। जिसकी वजह से जहां तीसरे राउंड में 44 फीसदी नम्बर मिले थे, वही चौथे राउंड में मुरादाबाद 66.31 फीसदी अंक हासिल कर स्मार्ट सिटी की लिस्ट में शामिल हो गया।

ऐसे होगा विकास

स्मार्ट सिटी में शामिल होने के बाद शहर को स्मार्ट बनाने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से मुरादाबाद को 977 करोड़ रुपये मिले हैं। उन्होंने बताया कि मुरादाबाद को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए कुल 2026 करोड़ रुपये मिलने हैं। जिसमें एरिया बेस्ड डवलपमेंट पर 1556 करोड़ और पेन सिटी पर 212 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इतना ही नहीं प्रपोजल में पीतल उद्योग की मजबूती देने और अन्य बुनियादी संरचनाओं को बढ़ावा मिलेगा। शहरी लोगों के लिए जाम की समस्या से निजात मिलेगी। प्रपेाजल में पीतल उद्योग से जुड़े हस्तशिल्प कारीगरों को भी बढ़ावा देगा। इतना ही नहीं उनके स्किल डवलपमेंट का खाका भी तैयार किया गया है। निगम ने दस साल के लिए प्रोजेक्ट के संचालन और रखरखाव पर 259 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाया है। कंवर्जन कास्ट पर 617 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।