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देह व्यापार और अवैध वसूली पर मुरादाबाद SSP का एक्शन; 2 चौकी इंचार्ज समेत 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड, मचा हड़कंप

Moradabad News: यूपी के मुरादाबाद में एसएसपी ने देह व्यापार पर कार्रवाई न करने और रिश्वत लेने के आरोप में 2 चौकी इंचार्ज समेत 3 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। मामले में लापरवाही और भ्रष्टाचार सामने आने के बाद पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल भी किया गया है।

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देह व्यापार और अवैध वसूली पर मुरादाबाद SSP का एक्शन..

Moradabad SSP Action: मुरादाबाद में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। देह व्यापार की जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई न करने और रिश्वत लेने के आरोप में दो चौकी इंचार्ज और एक कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और साफ संदेश दिया गया है कि लापरवाही और भ्रष्टाचार किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

लाइनपार चौकी पर कार्रवाई से मचा हड़कंप

लाइनपार चौकी प्रभारी शिवम वशिष्ठ और कांस्टेबल गुरदीप कुमार पर आरोप था कि उन्हें इलाके में चल रहे देह व्यापार की पूरी जानकारी थी, लेकिन उन्होंने जानबूझकर कोई कार्रवाई नहीं की। मामले की पुष्टि होने के बाद एसएसपी ने दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई पुलिस की निष्क्रियता पर सीधा प्रहार मानी जा रही है।

दबिश में 8 लोग गिरफ्तार, खुला पूरा नेटवर्क

सोमवार रात पुलिस ने बुद्धि विहार इलाके में सिद्धार्थ के घर पर दबिश देकर दो युवतियों समेत छह युवकों को गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई में देह व्यापार का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि चौकी पुलिस को पहले से इसकी जानकारी थी, लेकिन फिर भी कार्रवाई नहीं की गई, जिसके चलते एसएसपी ने सख्त कदम उठाया।

एफआईआर के नाम पर रिश्वत लेने का आरोप

हकीमपुर चौकी इंचार्ज अंकित प्रजापति पर एक ग्रामीण से एफआईआर दर्ज करने के नाम पर दस हजार रुपये लेने का आरोप लगा। शिकायतकर्ता ने बताया कि पैसे लेने के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। इस गंभीर आरोप के बाद एसएसपी ने मामले की जांच कराई और दोषी पाए जाने पर अंकित प्रजापति को भी निलंबित कर दिया।

जमीन विवाद में भी पुलिस की लापरवाही सामने आई

पाकबड़ा क्षेत्र के गुरेठा गांव निवासी उपेंद्र ने शिकायत की थी कि उनके चाचा की जमीन धोखे से बैनामा कर ली गई। आरोप था कि शराब पिलाकर फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार किए गए और खाते में कोई पैसा नहीं आया। पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा एफआईआर दर्ज करने के लिए उससे पैसे मांगे गए।

जांच रिपोर्ट के आधार पर हुई सख्त कार्रवाई

इस पूरे मामले की जांच सीओ हाईवे राजेश कुमार को सौंपी गई थी। उनकी रिपोर्ट में आरोप सही पाए जाने के बाद एसएसपी ने मंगलवार रात को अंकित प्रजापति को निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई साफ दर्शाती है कि अब शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है और दोषियों पर तुरंत कार्रवाई हो रही है।

सीओ स्तर पर भी हुआ बड़ा फेरबदल

इस मामले के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी बदलाव किए गए हैं। सिविल लाइंस सीओ कुलदीप कुमार गुप्ता और कटघर सीओ वरुण कुमार से उनके सर्किल का चार्ज वापस ले लिया गया है। कुलदीप कुमार गुप्ता को क्षेत्राधिकारी कार्यालय में तैनात किया गया है, जबकि वरुण कुमार को जनशिकायत की जिम्मेदारी दी गई है।

नए अधिकारियों को मिली अहम जिम्मेदारी

सिविल लाइंस सर्किल की जिम्मेदारी सहायक पुलिस अधीक्षक अभिनव द्विवेदी को सौंपी गई है। वहीं कांठ सर्किल का चार्ज शुभम पटेल को दिया गया है। इसके अलावा गौरव कुमार त्रिपाठी को कटघर का नया सीओ बनाया गया है। इस फेरबदल को पुलिस व्यवस्था को सुधारने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।