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मुरादाबाद में गूंजेगी जांबाजों की गाथा: 35 करोड़ से बन रहा वेस्ट यूपी का पहला हाई-टेक ‘वॉर मेमोरियल’

Moradabad News: मुरादाबाद में करीब 35 करोड़ रुपये की लागत से वेस्ट यूपी का पहला डिजिटल वॉर मेमोरियल तैयार किया गया है, जिसे ‘त्रिशूल भारतीय रक्षा संग्रहालय’ नाम दिया गया है।

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moradabad war memorial digital museum

मुरादाबाद में गूंजेगी जांबाजों की गाथा..

War Memorial Digital Museum Moradabad:मुरादाबाद नगर निगम द्वारा करीब 35 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य वॉर मेमोरियल तैयार किया गया है, जो वेस्ट यूपी में अपनी तरह का पहला और इकलौता डिजिटल युद्ध स्मारक होगा। यह परियोजना भारतीय सेना के शौर्य, पराक्रम और बलिदान को समर्पित की गई है। नगर निगम के इस प्रयास को क्षेत्र में देशभक्ति की भावना को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

‘त्रिशूल भारतीय रक्षा संग्रहालय’ रखा गया नाम

बुद्धि विहार क्षेत्र में बनाए गए इस वॉर मेमोरियल का आधिकारिक नाम ‘त्रिशूल भारतीय रक्षा संग्रहालय’ रखा गया है। यह संग्रहालय न सिर्फ एक दर्शनीय स्थल होगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भारतीय सशस्त्र बलों के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराने का माध्यम भी बनेगा। संग्रहालय की संरचना आधुनिक तकनीक और सैन्य जीवन से प्रेरित डिजाइन पर आधारित है।

उद्घाटन को लेकर तारीख तय होने में देरी

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के उद्घाटन के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आमंत्रित किया गया है। हालांकि दोनों नेताओं की तारीख एक साथ उपलब्ध न हो पाने के कारण उद्घाटन फिलहाल टलता नजर आ रहा है। मेयर विनोद अग्रवाल के अनुसार होली के बाद दोनों नेताओं की संयुक्त उपस्थिति में इसका भव्य उद्घाटन कराने की तैयारी की जा रही है।

सैन्य अफसरों ने किया स्थल का निरीक्षण

शुक्रवार को सैन्य अफसरों की एक टीम मुरादाबाद पहुंची और वॉर मेमोरियल का बारीकी से निरीक्षण किया। अधिकारियों ने संग्रहालय की संरचना, प्रदर्शनी व्यवस्था और सुरक्षा मानकों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि यहां प्रदर्शित की जाने वाली सैन्य सामग्री और डिजिटल प्रस्तुति वास्तविकता के बेहद करीब हो, ताकि दर्शकों को सैनिकों के जीवन और युद्ध की परिस्थितियों का वास्तविक अनुभव मिल सके।

10 हजार वर्ग मीटर में फैला भव्य परिसर

दिल्ली रोड पर सर्किट हाउस के पीछे स्थित यह संग्रहालय लगभग 10 हजार वर्ग मीटर भूमि पर विकसित किया गया है। शुरुआत में इसकी लागत करीब 25 करोड़ रुपये आंकी गई थी, लेकिन डिजाइन में विस्तार और अत्याधुनिक तकनीक जोड़ने के कारण यह लागत बढ़कर अब लगभग 35 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। नगर निगम का दावा है कि यह परियोजना मुरादाबाद के लिए एक स्थायी पहचान बनेगी।

1947 से पुलवामा तक की गाथा

इस डिजिटल वॉर म्यूजियम में 1947 के बाद हुए प्रमुख युद्धों और सैन्य अभियानों की झलक दिखाई जाएगी। यहां पुलवामा हमले जैसी घटनाओं से लेकर 1971 की लोंगेवाला की लड़ाई तक की कहानियों को आधुनिक तकनीक के जरिए प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा संग्रहालय में MIG-27 जैसे लड़ाकू विमान और अन्य सैन्य उपकरणों की झलक भी देखने को मिलेगी, जो युवाओं को भारतीय सेना की ताकत का प्रत्यक्ष अनुभव कराएंगे।

टैंक, तोप और सैनिक जीवन की झांकी

संग्रहालय में वास्तविक टैंक (जैसे T-55), तोपें और युद्ध से जुड़ी ऐतिहासिक सामग्रियां प्रदर्शित की जाएंगी। डिजाइन को बंकरों और बैरकों से प्रेरित रखा गया है, ताकि दर्शक खुद को सैनिकों के बीच मौजूद महसूस कर सकें। डिजिटल तकनीक के माध्यम से युद्ध के दृश्यों और सैन्य अभियानों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे यह स्थल केवल देखने की जगह नहीं बल्कि अनुभव करने का केंद्र बनेगा।

युवाओं में देशभक्ति जगाने का उद्देश्य

मेयर विनोद अग्रवाल ने बताया कि यह अत्याधुनिक वॉर म्यूजियम भारतीय सेना के बहादुर जवानों और आतंकवाद विरोधी अभियानों में शामिल नायकों को सम्मान देने के उद्देश्य से बनाया गया है। संग्रहालय के जरिए युवाओं को देश के लिए बलिदान देने वाले सैनिकों की कहानियों से प्रेरित किया जाएगा। नगर निगम का मानना है कि यह पहल नई पीढ़ी में देशभक्ति, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना को मजबूत करेगी।

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