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मुरादाबाद:एक दर्जन से अधिक परिवारों ने किया धर्म परिवर्तन तो,बिरादरी की पंचायत ने सुनाया ये तुगलकी फरमान

धर्म परिवर्तन करने वाले परिवारों की बिरादरी और स्थानीय प्रशासन के होश उड़े हुए हैं। बिरादरी की पंचायत में सभी परिवारों का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया।

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मुरादाबाद:एक दर्जन से अधिक परिवारों ने किया धर्म परिवर्तन तो,बिरादरी की पंचायत ने सुनाया ये तुगलकी फरमान

मुरादाबाद: शहर के नागफनी थाना क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक परिवारों का धर्म परिवर्तन का सनसनी खेज मामला सामने आया है। जिसके बाद धर्म परिवर्तन करने वाले परिवारों की बिरादरी और स्थानीय प्रशासन के होश उड़े हुए हैं। आनन फानन में बिरादरी की पंचायत में सभी परिवारों का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया। जिसके बाद कुछ परिवार वापस लौट आये। लेकिन कुछ परिवारों ने लौटने से इनकार कर दिया। उधर प्रशासन और खुफिया इकाई ने भी सभी परिवारों से बात कर उनका पक्ष जाना कि उन्होंने कहीं लालच या जबरिया धर्म परिवर्तन तो नहीं किया।

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पिछले काफी समय से हो रहे थे प्रार्थना सभा में शामिल
नागफनी थाना क्षेत्र के सैनी बस्ती में रहने वाले सभी परिवार सैनी समाज से ताल्लुक रखते है। इस समाज के एक दर्जन परिवार पिछले कुछ समय से मसीह समाज की धार्मिक गतिविधियों में लगातार शामिल हो रहें थे। आस-पास रहने वाले परिवारों को जब इसकी जानकारी हुई तो मामला बिरादरी की पंचायत तक पहुंच गया। पंचायत ने सबसे पहले मामले की पड़ताल शुरू की और मसीह समाज से जुड़ने वाले परिवार के सदस्यों की हर गतिविधि पर नजर रखनी शुरू कर दी। पड़ोसियों और बिरादरी से जुड़े परिवारों के मुताबिक इन परिवारों ने अपने घरों में मूर्ति पूजन पूरी तरह बन्द कर दिया था और यह लगातार मसीह समाज की प्रार्थना सभाओं में शामिल हो रहें थे। इतना ही नहीं इन परिवारों ने अपने घरों के बाहर मसीह समाज से जुड़े धार्मिक संदेशों को भी चस्पा किया हुआ था।

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पंचायत ने सुनाया ये फैसला
धर्म परिवर्तन किये जाने की पुष्टि होने के बाद सैनी समाज द्वारा बिरादरी की पंचायत बुलाई गई जिसमें मसीह समाज से जुड़ने वाले एक दर्जन परिवारों को भी बुलाया गया। पंचायत के सामने परिवारों ने स्वीकार किया की वह लोग अपने खुद के निर्णय से मसीह समाज से जुड़े है। बिरादरी ने उनको वापस सैनी समाज में लौटने को कहा तो चार परिवारों को छोड़कर बाकी सभी परिवारों ने वापस लौटने से इनकार कर दिया। पंचायत ने वापस बिरादरी में ना लौटने वाले सभी परिवारों का सामाजिक बहिष्कार करने का फरमान सुनाने के साथ ही इन परिवारों का हुक्का-पानी बन्द करने को कहा है। पंचायत के फैसले के बाद बिरादरी के लोग अब इन परिवारों से कोई सम्बन्ध नहीं रखेंगे और इनके घरों में होने वाले किसी भी कार्यक्रम या आयोजन में नहीं जाएंगे।

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धर्म परिवर्तन करने वाले परिवार बोले ये

मसीह समाज में शामिल हुए परिवारों का कहना है की यह उनका अपना फैसला था और इस फैसले के बाद उनके परिवारों को तमाम परेशानियों और बीमारियों से मुक्ति मिली है। परिवार की महिलाओं का कहना है की मसीह समाज की प्रार्थना सभाओं में होने वाली प्रार्थना से उनके दुख कम हुए है और अगर पंचायत उनका सामाजिक बहिष्कार भी करती है तो उनको इसका अफ़सोस नहीं है। धर्म परिवर्तन करने वाली गुड्डी का कहना है कि मसीह समाज से जुड़ने के बाद उसके पति की बीमारी दूर हो गयी और घर में भी तरक्की दिख रही है। पंचायत के फैशले के बाद गुड्डी का कहना है कि बिरादरी के लोग अब उनको किसी से बात नहीं करने दे रहें है और राशन, दूध देने वालो को भी जुर्माना का डर दिखाकर सामान देने से मना कर रहें है।

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