
मायावती के महासम्मेलन की भीड़ तय करेगी पूर्वांचल में बसपा का भविष्य
मुरादाबाद. नगर निकाय चुनाव में बहुजन समाजवादी पार्टी को जोरदार झटका लगा है। BSP से दो बार विधान सभा चुनाव लड़ चुके हाजी नासिर कुरैशी ने बसपा को छोड़ अब समाजवादी पार्टी में जाने का फैसला कर लिया है। इसी के तहत मंगलवार को नासिर कुरैशी ने लखनऊ में SP के राष्ट्रिय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात कर लाल टोपी पहन ली और अपनी आस्था अब सपा में जताई। निकाय चुनाव से पहले ये बसपा के लिए जोरदार झटका माना जा रहा है, क्योंकि नासिर कुरैशी को पार्टी का मोटा फंड देने वालों में माना जाता है।
मीट निर्यात से जुड़े नासिर कुरैशी 2012 में मुरादाबाद देहात विधान सभा से बसपा से चुनाव लड़े थे। इसके बाद उन्होंने 2017 में कांठ विधान सभा से किस्मत आजमाई थी, लेकिन दोनों ही बार उन्हें हार का सामना देखना पड़ा था। कभी वे बसपा के महासचिव मुनकाद अली के बेहद करीबी में गिने जाते थे, लेकिन अब बसपा की मौजूदा स्थिति देख नासिर कुरैशी ने भी किनारा करना बेहतर समझा। उन्हें नसीमुद्दीन सिद्दीकी का करीबी समझा जाता था। उनके करीबियों के मुताबिक वह पिछले काफी समय से बसपा छोड़ने का विचार बना रहे थे और अनुकूल समय मिलते ही उन्होंने सपा ज्वाइन कर ली।
वहीं इस मामले पर बसपा नेताओं ने बोलने से इनकार कर दिया है। उनके मुताबिक कोई भी कहीं जाने के लिए स्वतंत्र है। यहां बता दें कि बीते 2017 विधान सभा चुनाव के बाद बसपा से बड़ी संख्या में नेता पलायन कर रहे हैं, जबकि पहली बार अपने सिम्बल पर निकाय चुनाव लड़ रही बसपा के लिए ये बड़ा झटका माना जा रहा है। अभी तक बसपा ने मेयर और पार्षद पद पर कोई उम्मीदवार खड़ा नहीं किया है। कहा जा रहा है कि पार्टी अभी भी ऐसे उम्मीदवार की तलाश में है जो जिताऊ हो, इसलिए अभी भाजपा के प्रत्याशी घोषित होने का इन्तजार किया जा रहा है। खबर यह भी चल रही है कि भाजपा के एक नेता को बसपा के संपर्क में बताया जा रहा है जो टिकट न मिलने पर बगावत कर सकता है।
Published on:
01 Nov 2017 02:09 pm
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