8 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

वेस्ट यूपी भाजपा में दरार के संकेत? मुरादाबाद में आमने-सामने होकर भी नहीं मिले प्रदेश अध्यक्ष और क्षेत्रीय अध्यक्ष

UP News: प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और वेस्ट यूपी भाजपा अध्यक्ष सत्येंद्र सिसोदिया के बीच बढ़ती तल्खी के संकेत मुरादाबाद में उस वक्त दिखे, जब दोनों एक ही समय शहर में मौजूद होने के बावजूद नहीं मिले।

3 min read
Google source verification
pankaj chaudhary sisodia west up bjp tension

वेस्ट यूपी भाजपा में दरार के संकेत? Image Source - X/@mppchaudhary

UP BJP Tension: भारतीय जनता पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के कार्यभार संभालने के बाद से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अंदरूनी खींचतान के संकेत लगातार सामने आ रहे हैं। ब्राह्मण विधायकों की बैठक को लेकर पहले ही विवादों में घिरे पंकज चौधरी अब वेस्ट यूपी भाजपा अध्यक्ष सत्येंद्र सिसोदिया के साथ कथित तल्ख रिश्तों को लेकर चर्चा में हैं। पार्टी के भीतर यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या पश्चिमी यूपी में नेतृत्व को लेकर संतुलन बिगड़ रहा है।

एक ही शहर, एक ही वक्त, फिर भी नहीं हुई मुलाकात

3 जनवरी को मुरादाबाद में ऐसा राजनीतिक दृश्य देखने को मिला, जिसने इन अटकलों को और हवा दे दी। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और वेस्ट यूपी के क्षेत्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिसोदिया दोनों लगभग एक ही समय पर मुरादाबाद में मौजूद थे, लेकिन दोनों नेताओं के बीच न मुलाकात हुई और न ही कोई औपचारिक संवाद देखने को मिला।

प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत से दूरी क्यों बनाई गई

हैरानी की बात यह रही कि जिस समय प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी मुरादाबाद से होकर गुजरे, उस दौरान स्थानीय भाजपा संगठन के किसी भी पदाधिकारी ने उनका स्वागत नहीं किया। यह स्थिति तब और चौंकाने वाली हो गई, जब ठीक उसी समय क्षेत्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिसोदिया के लिए हाईवे पर जोरदार स्वागत की तैयारी दिखाई दी।

जीरो प्वाइंट बना सियासी संदेश का केंद्र

मुरादाबाद के हाईवे स्थित जीरो प्वाइंट पर जिलाध्यक्ष आकाश पाल और महानगर अध्यक्ष गिरीश भंडूला कार्यकर्ताओं के साथ मौजूद थे। यहां क्षेत्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिसोदिया को फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया गया। कुछ ही मिनट बाद इसी रास्ते से प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी गुजरे, लेकिन उनके लिए न तो कोई स्वागत था और न ही कोई पार्टी पदाधिकारी मौजूद दिखाई दिया।

भूपेंद्र चौधरी फैक्टर से जुड़ी नाराजगी

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, सत्येंद्र सिसोदिया को पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी का करीबी माना जाता है। पश्चिमी यूपी में भूपेंद्र चौधरी का लंबे समय तक प्रभाव रहा है और संगठन के कई अहम फैसले आज भी उनकी राय के बिना नहीं होते। ऐसे में माना जा रहा है कि नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी इस वर्चस्व से असहज हैं और पश्चिम में सीधे दखल बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।

संगठन महामंत्री से रिश्तों की तल्खी

सूत्र बताते हैं कि सत्येंद्र सिसोदिया की संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह से भी बनती नहीं है। इसी नाराजगी का असर उस समय सामने आया, जब सिसोदिया के समधी और हापुड़ के जिलाध्यक्ष नरेश तोमर को पद से हटा दिया गया। यह कार्रवाई उस वक्त की गई, जब महज दो दिन बाद नरेश तोमर की बेटी और सिसोदिया के बेटे की शादी होनी थी।

कार्बेट से लौटते समय बना राजनीतिक संयोग

प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी चार दिन जिम कॉर्बेट में ठहरने के बाद 3 जनवरी की शाम दिल्ली लौट रहे थे। उनका काफिला मुरादाबाद से होकर गुजरना था। इसी दौरान क्षेत्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिसोदिया भी मुरादाबाद पहुंचे थे, जहां वे एक भाजपा कार्यकर्ता के पिता की तेरहवीं संस्कार में शामिल हुए।

महानगर अध्यक्ष का सफाई भरा बयान

मुरादाबाद भाजपा के महानगर अध्यक्ष गिरीश भंडूला ने पूरे मामले पर सफाई देते हुए कहा कि प्रदेश अध्यक्ष संगठनात्मक कार्यक्रम के लिए नहीं आए थे और वे अपने परिवार के साथ यात्रा कर रहे थे। इसी वजह से संगठन को कोई औपचारिक सूचना नहीं मिली और स्वागत कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था।

सियासी संकेतों को हल्के में लेने के मूड में नहीं पार्टी

हालांकि, पार्टी के भीतर इस घटनाक्रम को सामान्य मानने के बजाय गहराई से देखा जा रहा है। एक ही समय, एक ही स्थान और अलग-अलग व्यवहार ने भाजपा के अंदरखाने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि यह केवल संयोग था या वाकई वेस्ट यूपी में नेतृत्व को लेकर सियासी तल्खी बढ़ रही है।