
खजूर
मुरादाबाद: मुस्लिम धर्म का सबसे पाक महीना रमजान शुरू हो गया है। इसमें सभी अनुआयी रोजा रखकर महीने भर इबादत करते हैं। इसके साथ ही रमजान में दिन भर रोजा रखने के बाद शाम को इफ्तार के लिए खजूर का इस्तेमाल शुरू से होता है। कहते हैं खजूर सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है। जिस कारण दिन भर रोजा रखने के बाद खजूर शरीर को फिर से तरोताजा कर देता है। वहीँ अब अगर खजूर की बात करें तो इसकी तमाम वैरायटी बाजार में मौजूद हैं। जिसमें 100 रुपये से लेकर 5 हजार तक का खजूर बाजार में मौजूद है। इसमें हर किसी की उत्सुकता पांच हजार वाले खजूर को लेकर होती है। क्यूंकि रमजान में इसकी मांग बढ़ जाती है।
यहां से आते हैं खजूर
शहर में खजूर विक्रेता शाकिर बताते हैं कि नबी की सुन्नत है कि खजूर से रोजा खोलें और दूसरों को भी खजूर से रोजा खुलवाएं। और खजूर न होने पर पानी से रोजा खुलवाएं। शहर में लगभग सभी फलों की दुकानों पर खजूर की हर किस्म मौजूद है। अलग अलग वैरायटी के रेट भी अलग-अलग हैं। ज्यादातर खजूर अरब देशों से ही आते हैं।
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ये है खासियत
पांच हजार रूपए किलो वाला खजूर अजुआ खजूर कहलाता है। कहते हैं कि मोहम्मद साहब ने खजूर का एक पेड़ लगाया था। उसी बाग़ से ये खजूर उसी बाग़ से आता है, इसलिए इसकी न सिर्फ डिमांड भी ज्यादा है बल्कि कीमत भी ज्यादा है। सबसे सस्ता खजूर चटाई वाली है जिसकी कीमत 100 रुपये किलो है। जबकि पांच हजार से फिर नीचे कलम मदीना दो हजार रुपये किलो है।लोग अपनी जेब और जरुरत के हिसाब से खजूर खरीदते हैं।
Published on:
09 May 2019 11:13 am
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