Moradabad News Today: मुरादाबाद की रामगंगा नदी उफान पर है। रामगंगा खतरे के निशान से 14 सेंटीमीटर दूर है। महानगर के कई इलाकों में घरों तक बारिश का पानी भरा है। वहीं नदी का जलस्तर बढ़ने पर पानी से लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है।
Moradabad Ramganga River Flood News: आपको बता दें कि बाढ़ की त्रासदी और बरसात में जलभराव नदी किनारे बसे महानगर की कॉलोनियों और गांवों के लोगों की नियति बन गई है। महानगर में रामगंगा किनारे के मुहल्ले सूरजनगर, भोलानाथ कॉलोनी, बंगला गांव, जिगर कालोनी, लालबाग, जामा मस्जिद और नवाबपुर के लोगों के मकानों की दीवारों के किनारे पानी है। लो लैंड वाले इलाके में बनी इन कॉलोनियों में शनिवार और रविवार को हुई मूसलाधार बारिश का पानी भरा था। इसकी निकासी हुई नहीं कि रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से इसका पानी आकर भर गया।
सूरजनगर में घरों की सीढ़ियों तक पानी ही पानी है। स्थानीय लोगों ने बताया कि नदी में सोमवार से पानी बढ़ा है। जुलाई से लेकर अब तक बाढ़ की समस्या झेल रहे हैं। यहां पर एक स्टूडेंट पीठ पर बैग लेकर पानी के बीच से होकर घर जाते मिला। उसने बताया कि घर के चारों तरफ पानी भरा है। पानी भरने से धान की फसल खराब हो गई। जिससे चारे का संकट बढ़ गया है। रामगंगा किनारे के गांव काफियाबाद, ताजपुर माफी, रसूलपुर नगला में घरों के चारों तरफ और खेतों में पानी भरा है। मैन रोड पर पानी से राहगीर परेशान है, पैदल निकलने में भी दिक्कत हो रही है।
मुरादाबाद के मूंढापांडे क्षेत्र में कोसी नदी उफान पर है। कई गांवों में पानी पहुंच गया। नदी किनारे के गांव गदीखेड़ा, बुढ़ानपुर एहतमाली, मुगलपुर, भटवाली एहतमाली, कोहनकू में नदी कटान कर रही है। इसके अलावा दौलतपुर, रनियाठेर, जगरामपुरा, अहरौला भी बाढ़ की चपेट में है। खेतों में फसल जलमग्न हो गई है।
रामगंगा नदी के पार खेती करने वाले किसान जलस्तर बढ़ने से परेशान हैं। पशुओं के लिए नाव और बैलगाड़ी से चारा ला रहे हैं। किसानों ने बताया कि बाढ़ से डर तो लगता है, लेकिन कुछ कर नहीं सकते। पहले बंगलागांव के पास लकड़ी का पुल था जो बाढ़ में टूट गया। लेकिन अब तक पक्का पुल नहीं बना है।