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रन फोर यूनिटी में देखने को मिला ये नजारा, बच्चों और जवानों के साथ भैंसों ने लगाई रेस, देखें वीडियो

31 अक्टूबर को सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के अवसर पर इस रेस का आयोजन किया गया था। रेस में पुलिस के जवान और स्कूली बच्चे दौड़ रहे थे।

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रामपुर। पहले रामपुर सपा के कद्दावर नेता आज़म खान की भैंसों को लेकर सुर्खियों में था और अब सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर से शुरू हुई रेस में भैंसों के शामिल होने से सुर्खियों में है। जी हां रन फोर यूनिटी के तहत कल देर शाम सीआरपीएफ के डीआईजी प्रवीण कुमार ने हरी झंडी दिखाकर आठ किलोमीटर लंबी रेस का शुभारम्भ किया।

दरअसल यहां 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के अवसर पर इस रेस का आयोजन किया गया था। रेस में पुलिस के जवान और स्कूली बच्चे दौड़ रहे थे कि अचानक गांधी समाधी के पास दर्जनों भैंसों का झुंड आ गया। गनीमत रही कि उस दौरान रेस करने वाले कुछ ही देर पहले गुजरे थे, अगर यह भैंसें उसी वक्त गुजरतीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।

देखें वीडियो

रेस में 10 साल से लेकर 20 साल तक के जवानों को शामिल किया गया था लेकिन उन जवानों के सामने जो बच्चे वहां पर मौजूद थे उनकी उम्र सात से आठ साल थी। वह अपने आपको रोक नहीं पाए और उन्होंने रेस लगानी शुरू कर दी। एक तरफ जहां बड़े जवानों ने रेस पूरी की तो वहीं छोटे बच्चों ने भी रेस पूरी कर डीआईजी प्रवीण कुमार से आशीर्वाद लिया। इस मौके पर उन्हें पुरस्कार भी दिए गए।

रेस सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर के अंदर से शुरू हुई। रामपुर डीआईजी सीआरपीएफ प्रवीण कुमार ने यह रेस कराई। इस दौरान जवान और बच्चे ऊबड़खाबड़ रास्तों से होकर दिल्ली-लखनऊ हाईवे-24 क्रास करते हुए गांधी समाधी तक पहुंचे। गांधी समाधी पर अचानक कुछ भेंसें आ गईं। जिसकी जानकारी जब पुलिस को लगी तो भैंस मालिक को कहा जल्दी भैंसें हटाओ।

गांधी समाधी से रामपुर नगर की मेन सड़क पार करते ही रेस करने वाले जवान और स्कूली बच्चे सीआरपीएफ ग्रुप के अंदर पहुंचे जहां से ये रेस शुरू हुई। रेस में तीन छात्रों ने पहला, दूसरा औऱ तीसरा स्थान प्राप्त किया। ये तीनों छात्र इंडियन आर्मी की तैयारी कर रहे हैं। इन छात्रों को पुरस्कार देते हुए डीआईजी ने कहा कि जब इस उम्र में बच्चों में इतना जज्बा है, हिम्मत और लग्न है। ये आगे चलकर जरूर अच्छे नागरिक बनेंगे ऐसी मुझे उम्मीद है।