वहीं सपा में जारी गुटबाजी की तब पटल पर आ गई, जब सपा के कई वरिष्ठ नेता और विधायक जिला अध्यक्ष के बयान के विरोध में आ गए और इस पर ऐतराज जताया। कुछ ने नाम न छापने की शर्त पर इसे जिला अध्यक्ष का बड़बोलापन बताया। फिलहाल सपा के भीतर जारी ये घमासान अब जिलों की राजनीति पर असर डालेगा ये तय है। जिसकी बानगी अब सतह पर भी देखने को मिलने लगी है। यही नहीं सबसे ज्यादा मारामारी टिकट वितरण के दौरान देखने की उम्मदी जताई जा रही है। क्योंकि सपा हाईकमान ने जनपद की छह विधानसभा सीटों में से सिर्फ एक कांठ विधानसभा पर ही अनिसुर्रहमान को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। वहीं मौजूदा विधायकों के विरोधी भी उनके खिलाफ लगातार शिकायतें आलाकमान से करके टिकट की जुगाड़ करते दिख रहे हैं।