22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

VIDEO: सपना चौधरी की एक झलक पाने को दीवाने हो गए लोग, जान हथेली पर रखकर चढ़ गए यहां

-उन्हें देखने के लिए दर्शकों ने लगीं बैरीकेडिंग तक तोड़ डाली। -जो मंच बनाया गया था, उसकी ऊंचाई कम थी -पुलिस को लाठी तक भांजनी पड़ी।

2 min read
Google source verification
moradabad

VIDEO: सपना चौधरी की एक झलक पाने को दीवाने हो गए लोग, जान हथेली पर रखकर चढ़ गए यहां

मुरादाबाद: मंगलावर जिला कृषि विकास एवं संस्कृतिक प्रदर्शनी द्वारा संगीत संध्या का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जिसमें मशहूर हरियाणवी डांसर सपना चौधरी ने अपनी प्रस्तुति दी। लोगों की भीड़ की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने कार्यक्रम रेलवे स्टेडियम में करवाया। लेकिन उसके बावजूद भी कार्यक्रम हंगामे की भेंट चढ़ गया। जिस कारण सपना चौधरी जल्दबाजी में करीब 25 से 30 मिनट में ही कार्यक्रम समेत के चलते बनी। वहीँ उन्हें देखने के लिए दर्शकों ने लगीं बैरीकेडिंग तक तोड़ डाली।यही नहीं सपना की एक झलक पाने के लिए युवा जान हथेली पर रखकर बास्केट बाल के गोल से लेकर करीब 14 फीट उंचे साउंड सिस्टम और बल्लियों पर चढ़ गए। पब्लिक के तेवर देख पुलिस भी मूक दर्शक बनकर खड़ी रही।

BA की छात्रा के साथ दो साल तक गैंगरेप, जब छोटी बहन की डिमांड की तो पीड़िता ने उठाया ये कदम

व्यवस्था पर उठे सवाल
प्रशासन ने भीड़ से निपटने के लिए भले ही इंतजाम स्टेडियम में आयोजित किया। लेकिन व्यवस्थापकों द्वारा जो मंच बनाया गया था, उसकी ऊंचाई कम थी, जिससे पीछे खड़े दर्शकों को सपना चौधरी नहीं दिख रहीं थी, और जिसकी आशंका कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही जताई जा रही थी। जैसे ही सपना चौधरी मंच पर आयीं, लोगों का सब्र जबाब दे गया। लोग उनकी एक झलक पाने के लिए जान हथेली पर लिए बैरीकेडिंग की बल्लियों पर चढ़ गए। जिस कारण वो टूट भी गयीं। यही नहीं स्टेडियम में लगे बास्केट बाल के गोल पर भी युवा चढ़ गए।

50 का पारा पार कर चुकी गर्मी को लेकर आई बहुत बुरी खबर, पढ़कर उड़ जाएंगे होश

जल्द निपटाया कार्यक्रम
सपना चौधरी और आयोजकों ने स्थिति को भांपते हुए जल्द ही कार्यक्रम समेटा और चलते बने। पब्लिक को काबू में रखने के लिए एक बार को तो पुलिस को लाठी तक भांजनी पड़ी। वहीँ गर्मी के कारण माहौल और बिगड़ गया। खचाखच भरे स्टेडियम में महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कत हुई।