
सपा अपने मजबूत गढ़ में उम्मीदवार घोषित करने में हो रही मजबूर, जानिए क्यों
मुरादाबाद: लोकसभा चुनाव के लिए अब 28 मार्च से तीसरे चरण की नामांकन प्रक्रिया शुरू होने वाली है। लेकिन सपा-बसपा गठबंधन अपने सबसे मजबूत किले से ही उम्मीदवार तय नहीं कर पा रही है। जी हां मुरादाबाद मंडल में मुरादाबाद लोकसभा सीट पर उसके कुल छह विधानसभाओं में से चार विधायक हैं। लेकिन बावजूद इसके सपा के खाते में सीट जाने के बाद भी यहां पार्टी अभी तक उम्मीदवार का ऐलान नहीं कर पायी है। ये हाल तब है जब अब रामपुर से आज़म खान के लड़ने का ऐलान हो चुका है। उसे अभी भाजपा और कांग्रेस के मुकाबले कोई उम्मीदवार सूझ ही नहीं रहा। वहीँ अंदरखाने टिकट को लेकर पार्टी में रार की बात भी सामने आ रही है।
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पहले इनका था फाइनल
पहले यहां से डॉ एसटी हसन का नाम फाइनल हो गया था,पार्टी हाई कमान ने मुहर भी लगा दी थी। लेकिन ठीक ऐलान से पहले सपा जिलाध्यक्ष समेत चारों विधायक अखिलेश के दरबार में पहुंच गए और टिकट बदलने की गुहार लगवाई।जिसके बाद टिकट टल गया। इससे पहले पूर्व मंत्री कमाल अख्तर और डॉ एसटी हसन में मुकाबला था। अब स्थानीय सपा इकाई कांग्रेस उम्मीदवार इमरान प्रतापगढ़ी के मुकाबले हिन्दू उम्मीदवार की डिमांड कर रही है। क्यूंकि वोट बंटने का खतरा पैदा हो गया था। राज बब्बर के हटने के बाद भाजपा मजबूत हो गयी है। जिसका फायदा अब सपा उठाना चाहती है।
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जल्द ऐलान का दावा
जिलाध्यक्ष राजीव सिंघल के मुताबिक टिकट को लेकर सभी परिस्थितियों से पार्टी नेतृत्व को परिचित करा दिया गया है। अब जल्द ही ऐलान हो जायेगा।
Published on:
26 Mar 2019 08:34 am
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