
मुरादाबाद में मंडरा रहा बर्ड फ्लू का खतरा..
Threat of bird flu looms in Moradabad: कानपुर के चिड़ियाघर में वन्य जीवों पर बर्ड फ्लू का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। शेर, मोर और ब्राह्मी डक (बतख) की मौत के बाद अब कई अन्य जीवों में भी इसके लक्षण दिखने लगे हैं। इन जानवरों ने खाना-पीना कम कर दिया है और उनके व्यवहार में भी असामान्य परिवर्तन नजर आ रहे हैं।
बर्ड फ्लू की आशंका के चलते दो बाघिन पुष्पा और आध्या, एक तेंदुआ, बतख, कबूतर समेत कुल 12 वन्य जीवों को निगरानी में रखा गया है। पुष्पा और आध्या को अलग-अलग बाड़ों में क्वारंटीन किया गया है। सभी जानवरों के नमूने जांच के लिए भोपाल स्थित राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान भेजे गए हैं। चिड़ियाघर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। हर दो घंटे में बाड़ों का निरीक्षण किया जा रहा है और रोज सैनिटाइजेशन भी किया जा रहा है। चिड़ियाघर के मुख्य गेट से आम लोगों का प्रवेश फिलहाल रोक दिया गया है।
गोरखपुर से लाए गए शेर की तीन दिन पहले मौत हो गई थी, जिसके बाद परिसर में एक मोर भी मृत पाया गया। दोनों के नमूनों की जांच में H5N1 वायरस की पुष्टि हुई है। इसके बाद एक ब्राह्मी डक भी मृत मिली, जिसके नमूने भी भोपाल भेजे गए हैं। रविवार को झील, जंगल और हिरन सफारी क्षेत्र में मृत पक्षियों की तलाश की गई। साथ ही जीवित पक्षियों के व्यवहार पर भी नजर रखी जा रही है।
पशुपालन विभाग ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निरीक्षण कर 200 पक्षियों के नमूने लिए हैं, जिन्हें बरेली स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI) भेजा गया है। विभाग की 13 टीमें इस कार्य में लगी हैं। मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ. आई.डी.एन. चतुर्वेदी ने बताया कि अब तक किसी भी स्थान पर अस्वाभाविक पक्षी मृत्यु या स्थिति सामने नहीं आई है।
कानपुर जू में शेर की मौत के बाद मुरादाबाद में भी बर्ड फ्लू को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। पशुपालन विभाग ने मुर्गी फार्मों और गो आश्रय स्थलों पर कीटनाशकों का छिड़काव शुरू कर दिया है और साफ-सफाई के सख्त निर्देश दिए गए हैं। विभाग पूरी तरह सतर्क है।
Updated on:
22 May 2025 09:37 am
Published on:
22 May 2025 09:37 am
