
मुरादाबाद में आदमखोर तेंदुआ पिंजरे में कैद..
Leopard Caged Moradabad:मुरादाबाद जिले में तेंदुओं की लगातार बढ़ती सक्रियता के बीच वन विभाग को एक और बड़ी सफलता मिली है। ठाकुरद्वारा कोतवाली क्षेत्र के सरकड़ा परम गांव में वन विभाग की ओर से लगाए गए पिंजरे में एक तेंदुआ कैद हो गया। इसे इलाके में रेस्क्यू किया गया सातवां तेंदुआ बताया जा रहा है। तेंदुए के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों में लोगों ने राहत की सांस ली।
सरकड़ा परम और आसपास के इलाकों में तेंदुए की गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही थीं। तेंदुए के संभावित आवागमन वाले स्थानों को चिन्हित कर वहां पिंजरे लगाए गए थे। इसी निगरानी और रेस्क्यू अभियान के दौरान तेंदुआ पिंजरे में फंस गया। जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को सुरक्षित तरीके से संभालने की प्रक्रिया शुरू की।
ठाकुरद्वारा क्षेत्र में तेंदुओं की बढ़ती मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने 3 अगस्त से लगातार रेस्क्यू अभियान चला रखा है। अभियान के तहत संवेदनशील गांवों और जंगल से सटे क्षेत्रों में टीमों को सक्रिय किया गया है। संभावित गतिविधियों पर नजर रखने के साथ अलग-अलग स्थानों पर पिंजरे लगाए गए हैं। लगातार कई दिनों से चल रही इस कवायद के बाद सातवें तेंदुए का पकड़ा जाना वन विभाग के अभियान की अहम उपलब्धि माना जा रहा है।
ठाकुरद्वारा क्षेत्र के कई गांवों में तेंदुओं की मौजूदगी लंबे समय से ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बनी हुई थी। खेतों और आबादी के आसपास तेंदुओं की गतिविधियों की खबरों के बीच लोगों में डर का माहौल था। सामने आई जानकारी के अनुसार, तेंदुओं के हमलों में दो महिलाओं की मौत और कई लोगों के घायल होने की बात कही गई है। इन घटनाओं के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से लगातार कार्रवाई कर तेंदुओं के खतरे को कम करने की मांग की थी।
अब तक सात तेंदुओं को रेस्क्यू किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद जगी है कि क्षेत्र में वन्यजीवों की दहशत धीरे-धीरे कम होगी। सातवें तेंदुए के पिंजरे में कैद होने से उन इलाकों के लोगों को भी राहत मिली है, जहां लगातार तेंदुए की गतिविधियों को लेकर आशंका बनी हुई थी। हालांकि, वन विभाग के सामने चुनौती अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
सातवें तेंदुए के पकड़े जाने के बाद भी वन विभाग ने निगरानी अभियान को खत्म नहीं किया है। टीमों की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में तेंदुओं की संभावित गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों और रेस्क्यू टीमों का प्रयास है कि इलाके में किसी अन्य तेंदुए की मौजूदगी का पता समय रहते लगाया जा सके, ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
वन विभाग की ओर से ग्रामीणों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। खासतौर पर खेतों और जंगल से सटे क्षेत्रों में जाते समय सतर्क रहने तथा तेंदुए की गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत संबंधित विभाग को सूचना देने पर जोर दिया जा रहा है। तेंदुए के पकड़े जाने के बावजूद लोगों से किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने की अपील की जा रही है।
ठाकुरद्वारा क्षेत्र में लगातार चल रहे रेस्क्यू अभियान को लेकर ग्रामीणों की नजर अब वन विभाग की अगली कार्रवाई पर है। सात तेंदुओं के पकड़े जाने के बाद लोगों को उम्मीद है कि संवेदनशील इलाकों में स्थिति सामान्य होगी। वहीं, वन विभाग की टीमें संभावित खतरे वाले क्षेत्रों में निगरानी जारी रखकर किसी भी नई गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की तैयारी में हैं।
Updated on:
22 Aug 2026 04:14 pm
Published on:
22 Aug 2026 04:14 pm
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