
मुरादाबाद: शुक्रवार को नगर निगम की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। जी हां शहर की सीमा से सटे धीमरी गांव में पिछले काफी समय से स्थानीय लोग पानी में गंदगी और बदबू की शिकायत कर रहे थे। लेकिन निगम अधिकारीयों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। लेकिन दो दिन पहले पानी से किसी जानवर के बाल जब आए तो लोगों ने हंगामा किया। जिस पर आज नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर पाइपलाइन खोलकर चेक की तो उसमें मरे हुए तीन बंदर निकले। जिसके बाद स्थानीय लोगों ने काफी हंगामा किया। जलकल कर्मियों के मुताबिक पाइप की जाली टूटने से बंदर इसमें फंस गए होंगे।
दो दिन से लोगों ने की थी शिकायत
यहां बता दें कि 2500 किलो लीटर क्षमता वाली मैनाठेर के ओवरहेड टैंक से पूरे धीमरी क्षेत्र को पेयजलापूर्ति की जाती है। बीस हजार की आबादी वाले धीमरी में तीन दिन से पानी में बदबू और बाल मिल रहे थे। पानी में बदबू होने की शिकायत मेयर और जलकल विभाग से की गई। उसे ठीक कराने का आश्वासन मिला। लोगों का कहना है कि पानी में लगातार बदबू आ रही थी। इस दौरान बिजली न होने से पानी नहीं आया पर कुछ गलियों में पानी बदबूदार था। गुरुवार को एक बार फिर शिकायत की गई।
पाइप में फंसे थे बंदरों के शव
शुक्रवार को विभाग की टीम धीमरी में अंबेडकर पार्क के पास पहुंची। विभाग के सुपरवाइजर राजू, महताब व टीम ने गड्ढा खोद पाइप तो एक आठ इंच की पाइप में कुछ फंसा सा लगा। पाइप को काटकर निकाला गया तो उसमें बंदरों के शव मिले। एक साथ तीन बंदर देखकर जलकल और क्षेत्रीय लोग भी हैरान रह गए। बताया जाता है कि इसमें दो बंदर के बच्चे और एक बंदरिया थी। इसके बाद लोगों ने वहां मौजूद कर्मचारियों से नाराजगी दिखाई।
जाली टूटने से हुई घटना
इस मामले में जीएम जलकल प्रमोद कुमार ने बताया कि लोगों ने पानी न आने की शिकायत की थी। जिस पर आज कर्मचारियों को भेजकर चेक करवाया गया। जाली टूटने की वजह से बंदर उसमें फंस गए थे। फ़िलहाल पूरी टंकी को साफ कराया जा रहा है। समस्या को दूर कर दिया गया है।
Published on:
16 Aug 2019 09:40 pm
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