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मुरादाबाद में 50 हजार की रिश्वत मांगना पड़ा महंगा, दो दरोगा और चौकी इंचार्ज पर गिरी गाज

Moradabad News: यूपी के मुरादाबाद में सुरजन नगर पुलिस चौकी के इंचार्ज और दरोगा को 50 हजार रुपये की मांग और डिजिटल साक्ष्य नष्ट करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया। डीआईजी मुनिराज जी के आदेश पर जांच कराई गई, जिसमें आरोप सही पाए गए।

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Two inspectors including outpost incharge suspended in Moradabad

मुरादाबाद में 50 हजार की रिश्वत मांगना पड़ा महंगा..

Moradabad Crime News: मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा क्षेत्र की सुरजन नगर पुलिस चौकी के इंचार्ज अमित कुमार और दरोगा मयंक प्रताप सिंह को 50 हजार रुपये की मांग और डिजिटल साक्ष्य नष्ट करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। डीआईजी मुनिराज जी को शिकायत मिलने के बाद एसपी यातायात सुभाष चंद्र गंगवार से मामले की जांच कराई गई थी, जिसमें दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ आरोप सही पाए गए। इसके साथ ही दोनों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं।

छेड़खानी केस में नाम निकालने के एवज में मांगी थी रिश्वत

17 फरवरी को ठाकुरद्वारा के एक गांव निवासी व्यक्ति ने लालापुर पीपलसाना निवासी योगेश, उसके भाई गौरव सिंह और सौरभ के खिलाफ मारपीट और महिलाओं से छेड़खानी का मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़ित ने बताया कि 15 फरवरी को वह अपनी बहन के घर भात देने गया था, जहां आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया।

इस मामले की जांच सुरजन नगर पुलिस चौकी इंचार्ज अमित कुमार और ट्रेनी दरोगा मयंक प्रताप सिंह कर रहे थे।

वीडियो साक्ष्य नष्ट करने का भी आरोप

आरोपियों के पिता हरि सिंह ने डीआईजी मुनिराज जी को एक प्रार्थनापत्र देकर बताया कि चौकी इंचार्ज और दरोगा मयंक ने उनके बेटों गौरव और सौरभ के नाम केस से निकालने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की थी।

उन्होंने यह भी बताया कि घटना स्थल का एक वीडियो मौजूद था, जिसमें उनके बेटे छेड़खानी करते नहीं दिख रहे थे। आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मियों ने वह डिजिटल साक्ष्य भी नष्ट कर दिया।

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गंभीरता से लिया गया मामला, तत्काल कार्रवाई

डीआईजी मुनिराज जी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए। एसपी यातायात द्वारा की गई जांच में 50 हजार रुपये मांगने और डिजिटल साक्ष्य नष्ट करने के आरोप सही पाए गए।

डीआईजी ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।