
बिन ब्याही युवती बनी मां का आरोप | AI Generated Image
UP News Hindi: यूपी के मुरादाबाद की रहने वाली एक युवती द्वारा बिन ब्याही मां बनने के बाद सामने आए मामले ने तूल पकड़ लिया है। युवती का आरोप है कि अमरोहा जिले के डिडौली क्षेत्र निवासी एक ट्रेनी सिपाही से उसके पिछले दो वर्षों से प्रेम संबंध थे। इसी रिश्ते के दौरान वह गर्भवती हुई और बाद में उसने एक बेटे को जन्म दिया। मामला अब पुलिस जांच और डीएनए परीक्षण तक पहुंच गया है।
युवती ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि ट्रेनी सिपाही उसे कई बार मुरादाबाद के अलग-अलग होटलों में मिलने के लिए बुलाता था, जहां दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने। युवती का कहना है कि वह सिपाही पर भरोसा करती थी और दोनों के बीच भविष्य को लेकर बातचीत भी होती थी।
जून माह में ट्रेनी सिपाही ट्रेनिंग के लिए फिरोजाबाद चला गया। इसी दौरान युवती की तबीयत लगातार खराब रहने लगी। परिजनों ने जब अल्ट्रासाउंड कराया तो पता चला कि वह चार महीने की गर्भवती है। यह जानकारी मिलते ही परिवार में तनाव और चिंता का माहौल बन गया।
युवती ने परिजनों को बताया कि गर्भ का कारण ट्रेनी सिपाही है। इस पर युवती की मौसी ने सिपाही को फोन कर मामले की जानकारी दी, जिस पर सिपाही ने कथित तौर पर गर्भपात कराने की बात कही। मौसी का दावा है कि इस बातचीत को मोबाइल में रिकॉर्ड भी किया गया है।
26 नवंबर को युवती ने एक बेटे को जन्म दिया। इसके बाद ट्रेनी सिपाही और उसके परिवार ने बच्चे को अपनाने से साफ इनकार कर दिया। दोनों पक्षों के बीच हुई बैठक में यह तय हुआ कि बच्चे और सिपाही का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
दिल्ली की एक निजी लैब में ट्रेनी सिपाही और बच्चे का डीएनए टेस्ट कराया गया। सिपाही के परिवार का दावा है कि रिपोर्ट में डीएनए मैच नहीं हुआ। हालांकि युवती का आरोप है कि उसे न तो डीएनए टेस्ट की जानकारी दी गई और न ही उसकी सहमति ली गई। उसे केवल यह बताया गया था कि बच्चे को डॉक्टर के पास ले जाया जा रहा है।
गुरुवार को युवती अपनी मौसी और चचेरे भाई के साथ बच्चे को गोद में लेकर एसपी सिटी कार्यालय पहुंची। उसने पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को दी और दोबारा डीएनए टेस्ट कराने की मांग की। पुलिस ने युवती की बात सुनने के बाद नए सिरे से जांच कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि मामले में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सीएमओ से समन्वय कर दोबारा डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि बच्चा ट्रेनी सिपाही का है या नहीं और उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मामले की गहराई से जांच के लिए पुलिस ने युवती और ट्रेनी सिपाही की पिछले दो वर्षों की कॉल डिटेल निकलवाने के निर्देश दिए हैं। इससे दोनों के बीच संपर्क की स्थिति स्पष्ट होगी। इसके साथ ही पुलिस उन डॉक्टरों और लैब स्टाफ से भी पूछताछ करेगी, जिन्होंने पहले डीएनए रिपोर्ट तैयार की थी।
करीब एक महीने से न्याय के लिए भटक रही युवती अब मानसिक और सामाजिक दबाव से जूझ रही है। उसका आरोप है कि ट्रेनी सिपाही ने पूरी तरह से किनारा कर लिया है। मौसी ने बताया कि बेटी की स्थिति देखकर युवती की मां की हालत बिगड़ गई है। पिता मजदूरी करते हैं और छोटा भाई अभी नाबालिग है।
Updated on:
19 Dec 2025 04:05 pm
Published on:
19 Dec 2025 04:05 pm
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