
मुरादाबाद: बीते कांवड़ मेले के चलते रोडवेज को रूट डायवर्जन के चलते अच्छा खासा राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा था। जिससे उबरने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गयी है। इसमें अब कम यात्रियों में भी बस चलाने के साथ ही छोटे रूट पर बसों की संख्या बढ़ाई जायेगी। क्षेत्रीय प्रबंधक एस के शर्मा ने बताया कि घाटा कम करने के लिए कम यात्रियों में बसें चलाने के साथ ही खराब बसों की मरम्मत पर जोर दिया जा रहा है।
इस वजह से हुआ था घाटा
यहां बता दें कि कांवड़ यात्रा के चलते सप्ताह में तीन दिन तक रूट डायवर्जन रहता है। जिससे या बसें बदले हुए मार्ग से चलती हैं या फिर यात्री न होने की वजह से नहीं चलती हैं। जिससे राजस्व की अच्छी खासी हानि होती है। फिर इस सीजन में वैसे भी यात्री कम होते हैं। यात्रियों की संख्या कम होने से 30 फीसद बसें अड्डे से बाहर नहीं निकल पाती हैं। मुरादाबाद व पीतल नगरी डिपो के पास ढाई सौ से अधिक बसें है। इनमें से इस समय प्रतिदिन 175 से कम बसें ही चल रही हैं। इस दौरान रोडवेज प्रबंधन की हालत यह हो जाती है कि कर्मचारियों को वेतन देने लायक रुपये नहीं आते हैं।
इतने यात्री पर भी चलेगी बस
इससे निजात के लिए प्रबन्धन ने कम से कम 25 यात्रियों के होने पर भी बस चलाने को कहा है। इसके साथ ही अब पड़ोसी जनपद में चंदोसी में गणेश मेला लगता है। जिसमें बड़ी संख्या में यात्री जाते हैं। लिहाजा अब वहां के फेरे बढ़ाये जाएंगे ताकि नुकसान कम किया जा सके।
ऐसे कम करेंगे घाटा
रोडवेज प्रबंधन ने घाटे से बचने और आय बढ़ाने के लिए विशेष आदेश जारी किया है। इसमें कहा है कि शुरू होने वाले स्थान पर बस में कम से कम 25 यात्री हों। इससे कम यात्री होने पर यात्रियों को दूसरी बस में सवार कराकर गंतव्य के लिए भेजें।
Published on:
25 Aug 2019 07:02 pm
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