
यूपी में बदलेगा मौसम का मिजाज..
UP Weather Rain Alert: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है। अगले चार दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते मुरादाबाद समेत करीब 40 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होगी, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान 30 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में आंधी के साथ ओलावृष्टि की भी संभावना है, जिससे फसलों और आम जनजीवन पर असर पड़ सकता है। बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, खासकर खुले स्थानों से दूर रहने को कहा गया है।
मौसम विभाग के मुताबिक 29 मार्च की शाम से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश का सिलसिला शुरू होगा, जो एक अप्रैल तक जारी रह सकता है। सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत, आगरा, मथुरा, मुरादाबाद, बरेली, संभल और बदायूं समेत कई जिलों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। इससे जनजीवन के साथ-साथ यातायात भी प्रभावित हो सकता है।
प्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में भी मौसम का असर साफ दिखाई देगा। लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, बाराबंकी, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, अलीगढ़, झांसी, प्रयागराज और वाराणसी सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।
बीते 24 घंटों में करीब 10 जिलों में बारिश दर्ज की गई है, जिससे तापमान में गिरावट आई है और मौसम सुहावना हुआ है। अंबेडकरनगर, अमेठी, अयोध्या, गोरखपुर, प्रयागराज, मेरठ और वाराणसी जैसे जिलों में हल्की से मध्यम बारिश ने गर्मी से राहत दिलाई, लेकिन साथ ही आने वाले दिनों के लिए चिंता भी बढ़ा दी है।
बदलते मौसम का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ रहा है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश से भीगी सरसों की फलियां सूखने के बाद चिपक जाती हैं, जिससे दाने गिरकर खराब हो जाते हैं। वहीं, तेज हवाओं से गिरे गेहूं में नमी आने पर अंकुरण शुरू हो सकता है, जिससे उत्पादन की गुणवत्ता प्रभावित होगी। मुरादाबाद समेत कई जिलों में हाल की बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
किसानों का कहना है कि कटाई के बाद खेतों में पड़ी सरसों और गेहूं की फसलें बारिश के कारण भीग रही हैं, जिससे नुकसान तय माना जा रहा है। कई किसानों ने फसल को बचाने के लिए उसे घरों या बागवानी क्षेत्रों में रखा था, लेकिन अचानक आई बारिश ने उनके प्रयासों को विफल कर दिया। अब किसान लगातार मौसम पर नजर बनाए हुए हैं और फसलों को बचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं।
Published on:
28 Mar 2026 10:24 pm
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