
छत्तीसगढ़ में गर्मी का कहर जारी, तापमान 3 डिग्री तक बढ़ने की संभावना, 26 अप्रैल से बारिश से मिल सकती है राहत(photo-patrika)
UP Weather Update: उत्तर प्रदेश में इन दिनों गर्मी ने अपने तेवर तेज कर लिए हैं। चिलचिलाती धूप और भीषण तापमान ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। खासतौर पर प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है, जिससे आम जनजीवन पर गहरा असर पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है, क्योंकि अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचने का अनुमान है।
प्रदेश में बीते दिनों तापमान ने रिकॉर्ड तोड़ गर्मी का अहसास कराया। बांदा जिला 44.6 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ सबसे गर्म रहा। इसके अलावा प्रयागराज में 43.2 डिग्री, झांसी में 43.1 डिग्री और वाराणसी में 43 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। इन आंकड़ों से साफ है कि प्रदेश के कई हिस्से भीषण गर्मी की चपेट में हैं और लोगों को लू के थपेड़ों का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग के वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रदेश में शुष्क मौसम के चलते तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। साथ ही पछुआ हवाओं का प्रवाह भी जारी है, जो गर्मी को और बढ़ा रहा है। यह हवाएं वातावरण में नमी को कम करती हैं, जिससे लू चलने की स्थिति बनती है। आने वाले 2-3 दिनों में तापमान में हल्की और वृद्धि के साथ लू का प्रभाव और तेज होने की संभावना है।
जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, वैसे-वैसे लू का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में कहीं-कहीं लू चल सकती है। लू के प्रभाव से शरीर में पानी की कमी, चक्कर आना, थकान और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है, खासकर दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए।
मुरादाबाद जिले में बढ़ती गर्मी का असर केवल शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी देखने को मिल रहा है। लगातार बढ़ते तापमान के कारण लोगों में तनाव, चिंता और मूड स्विंग जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। डॉक्टरों के अनुसार गर्मी के कारण दिमाग का केमिकल संतुलन बिगड़ सकता है।
शहर के मनोरोग विभाग की ओपीडी में इन दिनों मरीजों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। इसमें बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की संख्या अधिक है। मानसिक रोग विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के कारण शरीर में सेरोटोनिन और डोपामिन जैसे ‘फील गुड’ हार्मोन का स्तर प्रभावित होता है, जिससे व्यक्ति चिड़चिड़ा और तनावग्रस्त हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन तेजी से बढ़ता है। इससे शरीर का इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बिगड़ जाता है, जो कई स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म देता है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि लोग अधिक से अधिक पानी पिएं, हल्का भोजन करें और धूप में निकलने से बचें ताकि शरीर को स्वस्थ रखा जा सके।
मौसम विभाग के अनुसार आंतरिक महाराष्ट्र के आसपास बने प्रतिचक्रवात का असर उत्तर प्रदेश के मौसम पर पड़ रहा है। इसके चलते तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि हो रही है और यह सिलसिला अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि यह स्थिति बनी रहती है तो प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री के पार भी जा सकता है।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार प्रदेश में अभी राहत की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। आने वाले दिनों में तापमान में मामूली बढ़ोतरी के साथ लू का प्रभाव और तेज होगा। ऐसे में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और जरूरी एहतियात बरतने की सलाह दी है।
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Updated on:
19 Apr 2026, 9:10 PM IST
Published on:
19 Apr 2026, 9:10 PM IST
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